करनाल, जागरण संवाददाता। करनाल में विदेश भेजने की आड़ में धोखाधड़ी किए जाने के मामले थम नहीं रहे हैं। विदेशों में अच्छे भविष्य के सपने दिखाकर विशेष तौर पर युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है, जिसके बाद उनके साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दे दिया जाता है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें पति-पत्नी व बेटे को कनाड़ा भेजने का भरोसा दिया और 28 लाख 23 हजार रुपये ठग लिए। फिलहाल पुलिस ने 10 आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव बहलोलपुर वासी दलविंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया कि संदीप वासी जटपुरा ने उसे झांसे में लेते हुए कहा कि उनके परिचित लोगों को विदेश भेजते हैं। उन्हें भी पत्नी व बेटे सहित कनाडा भेज देंगे, जिसके लिए 22 लाख रुपये देने होंगे। आरोपित संदीप के साथ पहले से पहचान होने के चलते भरोसा कर लिया और सहमति जताई। नवंबर 2018 में वह आरोपित संदीप से मिला, जहां आरोपित सुनील, पाला राम व उनके परिवार के अन्य सदस्य मिले। सभी ने भरोसा दिया कि उसे पत्नी मनप्रीत कौर व बेटे यशरूप सिंह को वर्क परमिट पर कनाडा भेज देंगे।

उन्होने बताया कि वे यह काम दि जॉब फलीट सर्विस पूणे से करवाएंगे जिसके मालिक संजीव व स्नेहा जोगलेकर है। कनाडा जाकर वह पत्नी के साथ तीन हजार डालर प्रति माह तनख्वा पा सकेंगे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने आरोपितों के भरोसे के चलते अलग-अलग समय पर 28 लाख 23 हजार रुपये दे दिए। पहले आरोपित उन्हें जल्द कनाडा भेज देने का भरोसा देते रहे फिर 2021 में उन्होंने कोरोना महामारी का बहाना किया और इसकी आड़ में भी उनसे रकम ली जाती रही।

आरोपितों ने उनके वीजा तैयार कराए, जिसके बावजूद उन्हें कनाडा भेजे जाने में टाल मटोल की जाती रही। शक होने पर उन्होंने वीजा जांच कराई तो फर्जी मिले, जिसके बाद आरोपितों से संपर्क किया तो पहले रकम लौटा देने का भरोसा देते रहे, फिर धमकी देते हुए इंकार कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर संदीप वासी जटपुरा, सुनील, अनिल, पाला राम, रानी वासी गांव कुडक जागीर सहित 10 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सदर थाना एसएचओ बलजीत सिंह का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla