अंबाला, [दीपक बहल]। Railways News: रेलवे ने यात्रियों को बेहतर और आरामदायक यात्रा की सुवधिा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे अब ट्रेनों में स्‍लीपर की जगह वातानुकूलित इकोनामी कोच लगाने जा रहा है । इस थर्ड एसी इकोनमी कोच का किराया थर्ड एसी श्रेणी से कम होगा, लेकिन सुविधाएं लगभग समान होंगी।

रेल मंत्रालय ने पांच हजार किलोमीटर (किमी) तक इकोनामी कोच का किराया तय कर उसकी लिस्ट देश भर के मंडलों में भेज दी है। रेलवे की प्लानिंग है कि ट्रेनों से स्लीपर कोच हटाकर कम किराये पर एसी यात्रा करवाई जा सके। पूरी तरह एसी ट्रेन होने से इनकी स्पीड में भी इजाफा होगा। इसके अलावा इकोनमी कोच में 11 सीटें अतिरिक्त हैं, जबकि पूरी ट्रेन में 220 सीटें अतिरिक्त होंगी ।

थर्ड एसी इकोनामी कोच की किराया सूची जारी, स्लीपर कोच हटेंगे

पांच हजार किमी तक का इकोनामी क्लास का बेसिक किराया 3065 रुपये चार्ज किया जाएगा। यदि अंबाला से मुंबई (1572 किमी) की बात करें, तो इकोनामी क्लास का किराया थर्ड एसी की अपेक्षा 99 रुपये कम होगा। इसी तरह अंबाला से हावड़ा 1638 किमी का सफर यदि हम एसी थर्ड में करते हैं, तो बेसिक किराया 1633 रुपये लगता है, लेकिन अब यही किराया घटकर 1529 रुपये हो जाएगा। बेसिक किराये के अतिरिक्त रिजर्वेशन चार्ज और सुपर फास्ट चार्ज अलग होगा।

इस तरह होगा इकोनमी क्लास का किराया

991 से 1000 किमी तक का किराया 1102 रुपये बेसिक तय किया गया है। इसी तरह 1976 से 2000 किमी तक का बेसिक किराया 1757 रुपये, 2951 से 3000 किमी तक का 2196 रुपये, 3951 से 4000 किमी तक का किराया 2631 रुपये, 4951 से 5000 किमी तक का किराया 3065 रुपये होगा। लंबी दूरी के किराये में राहत रहेगी।

रेलवे की कोच फैक्टरियों में एसी इकोनमी कोच पर फोकस

एसी थर्ड क्लास में पहले 64 सीटें बुक हुआ करती थीं। रेलवे ने लिंक हाफमैन बाश (एलएचबी) डिब्बे में सीटों की संख्या 72 कर दी है, जबकि अब इन सीटों की संख्या बढ़ाकर 83 कर दी गई है। मौजूदा समय में अब भी 64 सीटों वाली थर्ड एसी कोच चल रहे हैं। रेलवे का फोकस है कि अब 83 सीटों वाले कोच ही बनाए जाएं।

वित्त वर्ष 2020-21 में 100 डिब्बे था, जबकि अब चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 158 इस तरह के डिब्बे बनाने का लक्ष्य रखा है। पंजाब की कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में ये डिब्बे तैयार किए गए हैं, जो कई अन्य ट्रेनों को भेजे गए हैं। अमूमन एक कोच बनाने पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होते हैं। आधुनिक कोच को बनाने पर तीन लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हुए हैं।

3729 एलएचबी कोच तैयार करने का लक्ष्य

रेलवे की आरसीएफ, आइसीएफ और एमसीएफ की बात करें, तो 2020-21 में 3729 लिंक हाफमैन बाश (एलएचबी) डिब्बे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आरसीफ में 1350, आइसीएफ 1350 तथा एमसीएफ में 1029 डिब्बे बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी तरह आरसीएफ कपूरथला में मेमू 80 और एलआरसी 16 बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह अलग-अलग तरह के कोच चेन्नई आइसीएफ में 2387 और रायबरेली में एलएचबी 1029 और मेमू 200 बनाने का लक्ष्य है।

Edited By: Sunil Kumar Jha