करनाल, जागरण संवाददाता। नियम 134-ए के तहत इस बार फिर निजी स्कूल उदासीनता दिखा रहे हैं। शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद निजी स्कूलों द्वारा स्कूल में सीटों का ब्यौरा आनलाइन नहीं किया गया है। इसी उदासीनता के कारण शिक्षा विभाग को एक सप्ताह बाद नया शेड्यूल जारी करना पड़ा। जिसके अनुसार 24 अक्टूबर तक निजी स्कूलों को सीटों का ब्यौरा आनलाइन करना था। मौजूदा हालात के अनुसार जिले के 364 स्कूलों में कुछ शिक्षण संस्थान अपने यहां खाली सीटों का ब्यौरा नहीं दे पाए हैं।

कारगर नहीं शिक्षा विभाग की सख्ती

मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के बावजूद निजी स्कूलों की उदासीनता पर विभाग की सख्ती भी कारगर नहीं हो रही है। निजी स्कूल संचालकों की माने तो प्रत्येक वर्ष बच्चों को पढ़ाने की एवज में प्रत्येक वर्ष सरकार से मिलने वाली राशि के लिए भटकना पड़ता है। जिला शिक्षा कार्यालय के कर्मचारी भी मुख्यालय का कहकर साफ बच निकलते हैं। इधर जिला शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों पर नजर रखने के लिए टीम गठित की गई है ताकि तय शेड्यूल के अनुसार नियम-134ए के तहत दाखिले करवाए जा सकें। तालमेल की कमी बच्चों के भविष्य के लिए परेशानी खड़ी कर रही है।

आदेशों की उल्लंघना करने पर कार्रवाई : राजपाल

जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी ने बताया कि निदेशालय की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 24 अक्टूबर तक जिले के 364 स्कूलों ने खाली सीटों का ब्यौरा पोर्टल पर देना था। कुछ स्कूल अभी रह गए हैं। इस तरह के स्कूल संचालकों पर कार्रवाई के लिए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। नियम-134ए के तहत जारी शेड्यूल के अनुसार ही प्रक्रिया करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कक्षा 2 से 12वीं में नियम-134ए के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थी को आधार कार्ड, मोबाइल फोन नंबर, बीपीएल कार्ड या दो लाख रुपये कम का आय प्रमाण पत्र, रिहायश प्रमाण पत्र जरूरी है।

Edited By: Anurag Shukla