यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर के नगर निगम की दुकानों के बकाया किरायेदारों के खिलाफ निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। किराया जमा न करने पर 10 दुकानों को सील ‌कर दिया। इन दुकानदारों पर निगम का 32 लाख रुपये किराया बकाया है। सील की गई दुकानों को निगम की ओर से कई बार नोटिस भेजकर चेताया गया था। सितंबर माह में 75 दुकानदारों को निगम द्वारा अंतिम नोटिस जारी किया था। जिसके पश्चात कुछ लोगों ने पार्ट पेमेंट में किराया जमा करवाना शुरू कर दिया। जिन्होंने अभी तक किराया जमा नहीं करवाया, निगम उनकी दुकानें सील कर रहा है।

यहां की दुकानें सील

निगम आयुक्त अजय सिंह तोमर के निर्देशों पर निगम द्वारा कुछ दिनों पहले 15 दुकानों को सील किया गया था। सीलिंग की कार्यवाही जारी रखते हुए क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया के नेतृत्व में सहायक देशराज, सहायक नरेंद्र, सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा, ‌बिट्टू, अजय कुमार व अन्य कर्मचारियों की टीम सबसे पहले सब्जी मंडी गई। यहां निगम की टीम ने तीन दुकानों को सील किया। प्रत्येक दुकान पर दो से तीन लाख रुपये किराया बकाया था। इसके बाद निगम की टीम ने कन्हैया चौक स्थित दो दुकानों, बस स्टैंड स्थित व नेहरू पार्क स्थित एक-एक दुकान, रामपुरा ‌स्थित तीन दुकानों को सील किया। यह कार्रवाई नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 408ए (3) के तहत की गई।

बिना अनुमति सील खोलने पर की जाएगी कानूनी कार्रवाई

दुकान सील करने के बाद निगम की ओर से दुकानों पर चेतावनी नोटिस चस्पाया जा रहा है। इसपर बिना अनुमति दुकान खोलने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि दुकानदार बिना किराया जमा करवा खुद दुकान की सील न खोले। अन्यथा दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दुकानदार अपना बकाया किराया जमा करवाए। इस‌के बाद निगम की अनुमति पर ही सील खोलने की कार्रवाई की जाएगी।

अब बकाया प्रापर्टी धारकों की बारी

निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि किराया जमा न करवाने वाले दुकानदारों के खिलाफ निगम की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बकाया किरायादारों के ‌बाद बकाया प्रापर्टी टैक्स धारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निगम की सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए बकायादार अपना बकाया किराया व प्रापर्टी टैक्स जल्द से जल्द जमा करवाएं। साथ ही किरायेदार हर माह अपना किराया समय पर जमा करवाए। ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इसके अलावा जो दुकानदार पूरी पेमेंट एक साथ देने में असमर्थ है, वह पार्ट पेमेंट में अपना किराया नगर निगम में जमा करवा सकते हैं।

Edited By: Anurag Shukla