पानीपत, जेएनएन। आए दिन कोई न कोई साइबर ठग के शिकार हो रहा है। अब तो साइबर ठग न कोई एटीएम पिन पूछ रहे न खाता नंबर। बावजूद खाते खाली हो जा रहा है। कुछ ऐसी ही ठगी पानीपत में हुई। 

गांव मनाना वासी विक्की के खाते से 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। उसने न तो किसी को एटीएम दिया और न ही पासवर्ड साझा किया। मोबाइल फोन पर खाते से पैसे निकाले जाने का मैसेज देख उसने शिकायत चौकी पुलिस को दी।

कैनरा बैंक के खाते से निकले 60 हजार

विक्की ने बताया कि वह पट्टीकल्याणा स्थित एक कंपनी में ठेकेदार के पास काम करता है। उसका कैनरा बैंक में खाता है। 16 फरवरी की रात किसी ने उसके खाते से 11 से 12 बजे के बीच 30 हजार और 12 बजे के बाद 30 हजार दस-दस हजार करके निकाल लिए। 17 फरवरी की सुबह मोबाइल पर मैसेज देख दंग रह गया और बैंक पहुंचा। बैंक कर्मियों ने दिल्ली सेक्टर 7 स्थित एटीएम से पैसे निकाले जाने के बारे में बताया। विक्की का आरोप है कि दो दिन से चौकी के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन केस दर्ज करने की बजाय आश्वासन देकर टाला जा रहा है।

अनेक लोग बने उस रात शिकार

विक्की ने बताया कि 16 फरवरी की रात को कैनरा बैंक के अनेक उपभोक्ता ऐसी ठगी का शिकार बने। उसके साथ ही काम करने वाले शास्त्री कॉलोनी वासी दीपक के खाते से 10 हजार रुपये निकाले गए। जबकि करहंस वासी एक उपभोक्ता के खाते से 18 और एक महिला उपभोक्ता के खाते से भी रुपये निकाले गए। सप्ताह भर पहले भी उनके साथी कर्मचारी धर्मबीर के खाते से 28 हजार रुपये निकाल लिए गए। सभी बैंक और पुलिस के पास चक्कर लगा रहे हैं।

सौंधापुर के दंपती के खाते से निकाले 46500 रुपये

साइबर ठग ने सौंधपुर के दंपती के खातों से 46,500 रुपये निकाल लिए। पीडि़त ने कस्टमर केयर में पत्नी के खाते से जुड़ा फोन नंबर बदलवाने के लिए कॉल किया था। ठगों ने इसी का फायदा उठाया। एक खाते का नंबर पूछकर दूसरे खाते से भी नकदी चुरा ली। ठग ने कस्टमर केयर की पश्चिम बंगाल की आइडी से फ्रॉड नंबर ले रखा है। 

एसबीआइ के खाते से निकले रुपये

फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले सौंधापुर के हरबीर ने बताया कि उसका व पत्नी बाला का सौंधापुर स्थित एसबीआइ में खाता है। दोनों की खातों में उसका मोबाइल नंबर है। 13 फरवरी को दोपहर 1:30 बजे उसने पत्नी के खाते से जुड़े मोबाइल को बदलवाने के लिए कॉल किया। व्यक्ति ने दूसरे नंबर से कॉल किया कि खाता नंबर बता दे नहीं तो खाता बंद कर दिया जाएगा। उसने बैंक अधिकारी मानकर पत्नी का खाता नंबर बता दिया। बीते 14 फरवरी को पत्नी के खाते से 40000, 2500 और 471 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह से उसके खाते से भी 4000 रुपये निकाल लिए। उसे लगता है कि गलती से कस्टमर केयर की जगह ठग को कॉल हो गई थी। असंध नाका चौकी पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 

एक गिरोह दे रहा है वारदात को अंजाम

शहर में एक ही गिरोह बैंक खातों की डिटेल का पता लगाकर लोगों के साथ ठगी कर रहा है। ठग ठगी के रुपयों से कोलकाता में शॉपिंग कर लेते हैं। वे फर्जी नंबरों से आइडी बनाते हैं। साइबर सेल ठगों का पता नहीं लगा पा रही है।    

ये हो चुकी हैं ठगी की वारदात

- सेक्टर-13-17 के हाउसिंग बोर्ड निवासी मोबाइल रिचार्ज व्यापारी कुमार गौरव के पेटीएम व एसबीआइ के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये उड़ा लिए। 

-शिव नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक मनबीर सिंह को पेटीएम का केवाइसी अपडेट कराने का झांसा देकर ऑनलाइन डेबिट कार्ड का डेटा चुराकर 47907 रुपये निकाल लिए।

-बैंक ऑफिसर महावीर कॉलोनी के विशाल के खाते से 4000 रुपये निकाल लिए। 

-खोतपुरा गांव के देवेंद्र संधू के एसबीआइ के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए। 

पेटीएम व डेबिट कार्ड हैक कर खातों से रुपये निकालने वाले ठगों का साइबर सेल के जरिये पता लगाया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति किसी अजनबी को फोन पर खातों की जानकारी न दें। बैंक कर्मचारी फोन से बैंक की डिटेल नहीं मांगते है। ऐसा ठग करते हैं। 

- सतीश कुमार वत्स, डीएसपी मुख्यालय

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