पानीपत, जेएनएन। कोरोना वायरस का संक्रमण उन पर लोगों ज्‍यादा असर कर रहा है, जिनकी प्रतिरोधक क्षमता काफी कम है। इस प्रतिरोधक क्षमता को खानपान और व्‍यायाम के जरिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए बस दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव लाते हुए व्‍यायाम को शामिल करना होगा और डाइट को मेनटेन करना है। वहीं, कोरोना पॉजिटिव मरीज काफी हद तक डाइट के माध्‍यम से वायरस के संक्रमण से बाहर निकल पाए हैं। आइए जानते हैं रोगियों को दी जाने वाली डाइट के बारे में। 

रोगियों को दी जा रही डाइट

छह बजे सुबह : गिलोय या एलोविरा का पानी

साढ़े सात बजे नाश्ता:150 एमएल दूध, मीठा दलिया, वेज पोहा हरी चटनी के साथ, सूजी की खीर। 

साढ़े दस बजे सुबह : एक संतरा और 150 ग्राम पपीता। 

एक बजे लंच: वेज खिचड़ी या दाल, एक कटोरी चावल। 

शाम साढ़े चार बजे: वेज सूप 150 एमएल, एक गिलास दूध और कुछ ग्राम मखाने। 

डिनर: वेज दलिया, प्याज पुलाव और दाल।

चार बातें, जो करती हैं स्वस्थ

1. इलाज 2. एकांतवास

3. डाइट 4. इच्छा शक्ति

अच्छी डाइट लेकर बढ़ाई जा सकती है प्रतिरोधक क्षमता : डॉ. पृथ्वी

कोरोना वायरस से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बचा जा सकता है। इसके लिए जरूरत है बेहतर खान पान की। सिविल अस्पताल जगाधरी के चिकित्सक डॉ. पृथ्वी सांगवान ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। एक दूसरे से संपर्क में न आए और अच्छी डाइट लेनी चाहिए। जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है उसको कोई भी बीमारी नुकसान नहीं पहुंचा सकती।  

 अंकुरित आहार जरूरी

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कई खाद्यय सामग्री है। इसमें अंकुरित आहार सबसे अच्छा है। अंकुरित आहार में क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे खनिज लवणों का बेहतर स्रोत है। इस आहार का नियमित सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढऩे के अलावा शरीर के हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। जिससे पोषक तत्वों और पाचक गुणों में भी वृद्धि हो जाती है। इसलिए सादे अनाज की तुलना में अंकुरित अनाज को अधिक पौष्टिक माना जाता है। इस मौसम में ठंडी चीजों का परहेज करें। गर्म पानी का नियमित सेवन करें। सूप और गरम दूध भी इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। गले को सूखने न दे। दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। रात के समय बादाम भिगोकर रखें सुबह छीलकर सेवन करें। गरम दूध के साथ सौंठ लेना भी सेहतमंद है।

गोमुखासन करने की विधि

गोमुखासन योग करने का तरीका बहुत ही सरल है। सबसे पहले आप दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं और हाथ को बगल में रखें। बाएं पांव को घुटने से मोड़ें और दाएं कुल्हे की बगल से जमीन पर रख लें। उसी तरह से दाएं पांव को घुटने से मोड़ें, बाएं पांव के ऊपर से लाएं तथा दायीं एड़ी को बाएं कुल्हे के पास रखें। अब आप बायें हाथ को उठाएं और इसको कोहनी से मोड़ें और पीछे की ओर कंधों से नीचे ले जाएं। दायीं बाजू उठाएं, कोहनी से मोड़ें और ऊपर की ओर ले जाकर पीछे पीठ पर ले जाएं। दोनों हाथों की अंगुलियों को पीठ के पीछे इस तरह रखें कि एक-दूसरे को आपस में गूंथ लें। सिर को कोहनी पर टिकाकर यथासंभव पीछे की ओर धकेलने का प्रयास करें। पांवों और हाथों की स्थिति बदलते हुए इसे दोहराएं। इस तरह से आप तीन से पांच बार करें।

हम घर पर रहेंगे तो कोराना घर नहीं आएगा

'' बहुत जरूरी हों तभी घर से निकलें। बिना मास्क के कहीं नहीं जाना। लॉकडाउन है और प्रदेश में धारा 144 भी लगी है। कोरोना से जंग लड़नी है तो घर पर ही रहकर लड़ना होगा। हम घर पर रहेंगे, तो कोरोना घर नहीं आ सकता। यह बात हम सभी को समझनी चाहिए। लेकिन कुछ ऐसे हैं, जो सिर्फ घूमने के लिए अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। पुलिस नाकों पर भी तरह-तरह के बहाने बनाकर घूम रहे हैं। जिस मकसद के लिए यह लॉकडाउन किया गया है, इससे वह पूरा नहीं होगा। जीत तभी होगी, जब हम लॉकडाउन का पालन करेंगे। मेरा आग्रह है कि हम सभी अपने घर पर रहें और एडवाइजरी का पालन करें। इस में ही हमारी और सभी देशवासियों की जीत है।

                                                                                                                 - डॉ. समिधा शर्मा

अखबार से नहीं फैलता कोरोना

कोरोना वायरस संक्रमण से फैलता है। सूखी खांसी, बुखार, नजला व बदन दर्द होने पर चिकित्सक से जांच जरूर कराएं। इस महामारी का मुकाबला करने के सजगता जरूरी है। जागरुकता से संक्रमण रोका जा सकता है। आयुष्मान भव अस्पताल के निदेशक डॉ. सुखबीर सिंह सांगवान ने कहा कि समाचार पत्र से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। खांसने व छींकने से इसके वायरस एक मरीज से दूसरे में जाने की संभावना रहती है।

 सावधानी बरतें :

 कोरोना वायरस एक मनुष्य से दूसरे में जल्द फैलता है।

 खांसने व छींकने से इसका संक्रमण ज्यादा होता है।

 खांसते व छींकते समय मुंह पर हाथ रखने के बजाए मास्क लगाएं

 सांस की नली व फेफड़े में संक्रमण फैलने पर गंभीर हो जाता है।

 एक दूसरे से एक-डेढ़ मीटर की दूरी बना कर रखें।

 दूरी बना कर रखेंगे तो कोरोना के वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।

 नाक व मुंह दोनों को रुमाल या किसी मोटे कपड़े से ढक कर रखें।

 एक मास्क का प्रयोग कई दिनों तक न करें।

 कोरोना महामारी का कोई बेस्ट ट्रीटमेंट नहीं है।

 बचाव ही सवरेत्तम उपाय है।

 दुकान पर कुछ सामान लेने जाएं तो एक निश्चित दूरी पर लाइन बना कर रखें।

 कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं है।

 ध्यान से बढ़ेगी इम्युनिटी

कोरोना के खतरे के बीच योग मुद्राओं का नियमित अभ्यास न केवल संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है बल्कि इससे रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में भी मदद मिलती है। यह कहना है, सुविख्यात योग गुरु स्वामी संपूर्णानंद का। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के घातक रोगों से लड़ने के लिए शरीर को विशेष प्रकार की शक्ति चाहिए। अपनी समस्त अंत: स्नावी ग्रंथियों को सक्रिय रखना भी बेहद जरूरी है, जिनमें थायमस ग्रंथि प्रमुख है। यह ह्रदय के पास और दोनों फेफड़ों के बीच स्थित होती है। थायमस का मुख्य कार्य टी-सेल का निर्माण है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कायम रहती है। लॉकडाउन के मध्य ध्यान मुद्रा का नियमित अभ्यास करें। ध्यान से उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है। सिरदर्द दूर होता है। प्रतिरक्षण क्षमता का विकास होता है। शरीर में स्थिरता बढ़ती है। यह स्थिरता शरीर को मजबूत करती है।

Posted By: Anurag Shukla

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