कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। पिछले सप्ताह बासमती धान के दाम 4500 के करीब पहुंचने के बाद अब दोबारा से इसके दाम कम होने लगे हैं। दामों में बढ़ोतरी होने पर किसान घरों में स्टोर की बासमती को उत्साह से अनाज मंडी लेकर पहुंचने लगे थे। लेकिन अब दाम कम होने से किसानों में मायूसी छा गई है। पिछले तीन दिनों से बासमती के दाम दोबारा चार हजार से 4200 रुपये तक रह गए हैं। हालांकि दाम कम होते ही मंडियों में आवक दोबारा कम होने लगी है। पहले थानेसर की अनाज मंडी में हर रोज तीन हजार क्विंटल के करीब बासमती व 1121 किस्म की धान पहुंचने लगी थी, अब इसकी आवक कम होकर 500 से 700 क्विंटल के करीब ही रह गई है। कुछ इसी तरह की हालात जिला भर की अनाज मंडियों में भी हैं।

नवंबर माह में शुरू हुई थी आवक

नवंबर माह के पहले सप्ताह से ही अनाज मंडियों में बासमती की आवक शुरू हो गई थी। शुरुआत में 3500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल के करीब बिकी बासमती 15 नवंबर तक 4000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद बासमती के दामों में एकाएक उछाल आया इसके बाद 4500 रुपये तक पहुंच गए। बासमती के दाम बढ़ते देख किसानों ने घरों पर रखी बासमती को मंडियों में लाना शुरू कर दिया था। इसके बाद सोमवार से लगातार दामों में कमी आ रही है। थानेसर की अनाज मंडी में शनिवार को हाथ की कटाई बासमती के दाम 4050 रुपये से 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे, जबकि कंबाइन की कटाई के दाम 3800 से 3900 रुपये तक रहे हैं।

बासमती धान की आवक कम

किसान शीशपाल ने बताया कि दामों में बढ़ोतरी को देखकर ही वह अपनी बासमती अनाज मंडी में लेकर आए थे। दाम कम आने पर दो दिन मंडी में ही धान का पहरा दिया। दामों में बढ़ोतरी न होने पर अब 4150 रुपये में ही बेचनी पड़ी है। रामबाग ट्रेडिंग से आढ़ती राजबीर ने बताया कि बासमती के दामों में उतार चढ़ाव चल रहा है। अब आवक कम हो गई है। अनाज मंडी में नाम मात्र ही बासमती पहुंच रही है।

Edited By: Rajesh Kumar