जागरण संवाददाता, पानीपत : झांबा गांव में डेढ़ महीने पहले केबल ऑपरेटर बिजेंद्र पर जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह हमला झांबा के दीपक व उसके भाई राहुल ने दो साथियों के साथ मिलकर किया था। दो साल पहले बिजेंद्र ने उनके पिता सतबीर की पिटाई कर दी थी। एंटी चेन स्नेचिंग स्टाफ टीम ने जानलेवा हमले के आरोपी दीपक, राहुल, सनौली खुर्द के बिंट्टू और झांबा के रोहताश को सनौली के पास गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा, चाकू व लोहे की रॉड बरामद करेगी।

गत 23 सितंबर की रात को केबल ऑपरेटर झांबा निवासी बिजेंद्र अपने कार्यालय में सो रहे थे। तभी उस पर हथौड़े, चाकू व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। बिजेंद्र एक महीना अस्पताल में कोमा में रहे। इसी वजह से मामले की गुत्थी उलझी हुई थी। थाना सनौली में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

जांच कर रहे एंटी चेन स्नेचिंग टीम प्रभारी हरनारायण ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कपिल, राहुल, बिंट्टू व रोहताश को हिरासत में लेकर पूछताछ की मामले की परतें खुल गई। आरोपी कपिल ने बताया कि दो साल पहले बिजेंद्र ने उसके पिता सतबीर की पिटाई कर दी। तब समझौता हो गया था। वे बिजेंद्र को सबक सिखाना चाहते थे। 23 सितंबर की रात को ट्रक चालक दीपक व उसका भाई राहुल उत्तराखंड से केमिकल का ट्रक लोड करके गुजरात जा रहे थे। तभी उन्होंने सनौली के पास ढाबे पर शराब पी और अपने दोस्त बिंट्टू व रोहताश के साथ मिलकर बिजेंद्र को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। बिजेंद्र अपने कार्यालय में सो रहा था। तभी आरोपी दीवार फांदकर घुसे और बिजेंद्र पर जानलेवा हमलाकर फरार हो गए।

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