पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। रादौर खंड के सागड़ी गांव की 300 महिलाओं से गांव की ही आंगनवाड़ी वर्कर पर करीब 40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। पीडि़त महिलाओं ने मंगलवार को लघु सचिवालय में पहुंच कर एसपी कुलदीप यादव को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग। एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

सागड़ी गांव की सरोज बाला, लक्ष्मी देवी, परमजीत कौर, रजनी, सरोज, रीना, कमलेश, मनजीत कौर आदि ने शिकायत में कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर निर्मला ने उनको बताया था कि यदि वे पांच साल तक 200, 300 और 500 रुपये प्रति माह उसके पास जमा कराती हैं तो उन्हें पांच साल में इसके दोगुणा पैसे मिलेंगे। जैसे 200 रुपये जमा कराने पर 25 हजार रुपये मिलेंगे। निर्मला की बातों में आकर गांव की करीब तीन सौ महिलाओं ने उसके पास करीब 40 लाख रुपये जमा कराए। वर्कर ने उनकी पासबुक भी बना रखी थी, जिसमें हर माह जमा राशि की एंट्री होती थी। उन्हें सर्वोत्तम हाइटेक इंफ्रा डेवलेपर्स लि. और इंफोकेयर होटल एंड रिजोर्ट इंडिया लि. के नाम से रसीद भी दी।

रुपये मांगे तो कर दिया इन्कार 

उक्त महिलाओं ने बताया कि पांच साल पूरे होने पर वे निर्मला के पास गई तो उन्हें जल्द रुपये देने का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद उसने रुपये देने से साफ इन्कार कर दिया। 

कंपनी बंद होने से आई दिक्कत : निर्मला

उधर, आंगनबाड़ी वर्कर निर्मला का कहना है कि उसने किसी महिला को रुपये दोगुना करने की बात नहीं कही थी। उन्हें पांच साल में जो राशि जमा करवानी थी उस पर केवल तीन से चार हजार रुपये ज्यादा मिलने थे। काफी महिलाओं को ये राशि दी भी गई। मैंने खुद भी कंपनी में अपने रुपये जमा करा रखे थे, लेकिन डेढ़ साल पहले कंपनी बंद हो गई। गांव की 28 से 30 महिलाओं का करीब दो लाख रुपये ही कंपनी के पास जमा है। रुपये लौटाने को लेकर कंपनी के अधिकारियों से बात की थी। उन्होंने जल्द ही ब्याज समेत रुपये देने का आश्वासन दिया है।  40 लाख रुपये लेने का आरोप निराधार है।

विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं : सरिता चौहान

महिला एवं बाल विकास विभाग की सरिता चौहान ने बताया कि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में महिलाओं से रुपये लेकर उन्हें दोगुना करने की योजना नहीं है। वर्कर ने किसी कंपनी की एजेंट बनकर रुपये लिए होंगे। वे इसके बारे में पता करेंगी।

Posted By: Anurag Shukla

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