पानीपत/करनाल, जेएनएन। धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की ओर से ठीक कार्रवाई न करने से हताश बल्ला निवासी नरेश बैरागी (42) ने डीएसपी ऑफिस के सामने जहर निगल लिया। आनन-फानन में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां वह आइसीयू में है। डॉक्टरों के मुताबिक हालत चिंताजनक है।

नरेश बैरागी गांव में मजदूरी कर किसी तरह से गुजारा चला रहा था। उसके पास दो बच्चे सचिन (12 वर्ष) और अभिषेक (14 वर्ष) है। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए वह उसने विदेश जाने का फैसला किया। गांव के ही जयबीर पुत्र सुरेश को 1 लाख 70 हजार रुपये दिए। नरेश के साथी सतीश ने बताया कि पैसे लेते ही पिता-पुत्र ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।

आरोप : थमा दिए फर्जी दस्तावेज
सतीश के मुताबिक दबाव डाले तो पिता-पुत्र ने फर्जी दस्तावेज देकर इराक जाने के लिए एयरपोर्ट पर भेज दिया। वहां उसे पता लगा कि कागज सही नहीं हैं। वह वापस गांव आया। यहां उसने पंचायत के सामने मामला रखा। बताया जा रहा है कि तब पिता-पुत्र ने उसे 50 हजार रुपये तो दे दिए, बाकी के रुपये देने से मना कर दिया।

पुलिस को शिकायत देते ही शुरू हो गई परेशानी
नरेश ने बल्ला पुलिस चौकी में शिकायत दी। 15 मार्च को मामला दर्ज हो गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। थक कर उसने एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया से शिकायत की। एसपी ने डीएसपी बलजिंद्र सिंह को मार्क कर दी। बताया जा रहा है कि नरेश सोमवार को डीएसपी से मिलने आया था। डीएसपी ने उसे असंध जाने को बोल दिया। इस पर पीडि़त ने कहा कि असंध पुलिस के पास जाता हूं तो यहां भेज देती है और यहां से असंध जाने को बोल दिया जाता है। उसने यह कहते हुए जहर निगल लिया कि अब जीना बेकार है। वह घर से जहरीला पदार्थ लेकर आया था। 

डीएसपी ने सुनाई नई कहानी
इधर, डीएसपी ने नई कहानी गढ़ते हुए खुद को क्लीनचिट देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नरेश की शिकायत के बाद आरोपित के पिता की सदमे में मौत हो गई। इस बारे में सुरेश ने एक शिकायत दी है। इस एंगल पर भी जांच चल रही है।

Posted By: Anurag Shukla