पानीपत/कुरुक्षेत्र, जेएनएन। महाभारत की इस धरा की लोकप्रियता सात समंदर से लोगों को खींच ला रही है। पांच हजार साल पुराने वट वृक्ष को देखने के लिए अमेरिका की रेबिका यहां के गुणगान करते नहीं थकतीं। रेबिका को पांच हजार साल पुराने इस वट वृक्ष के नीचे सुख और शांति की अनुभूति होती है। यही वजह है कि अब वे हर साल सौ लोगों के साथ अमेरिका से कुरुक्षेत्र आती हैं। विस्तृत खबर के लिए पढ़ें दैनिक जागरण की ये खबर।

रेबिका पोलार्ड अमेरिका में पेशे से शिक्षिका हैं। रेबिका का कहना है कि कुरुक्षेत्र की हवा मे पता नहीं ऐसी क्या ताकत है कि यहां प्रवेश करते ही दिल को ऐसा चैन मिला कि मन बिल्कुल शांत व धार्मिक हो गया, यहां से वापस जाने का मन ही नहीं करता। अध्यात्म के ऐसे केंद्र को मैं दिल से सेल्यूट करती हूं। 

केडीबी ने किया सम्मानित
अमेरिका की शिक्षिका व टूर ऑपरेटर रेबिका पोलार्ड कुरुक्षेत्र की अनुराग अत्री और अर्चना अत्री के अनुरोध पर भ्रमण के लिए पहुंचीं। रेबिका पोलार्ड केडीबी कार्यालय पहुंची। यहां पिहोवा के एसडीएम निर्मल नागर ने उनका स्वागत किया व कुरुक्षेत्र के इतिहास पर आधारित पुस्तक भेंट की। एसडीएम ने रेबिका को ब्रह्मसरोवर के इतिहास व कुरुक्षेत्र के इतिहास के बारे मे विस्तार से बताया।

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सरस्वती महोत्सव में आमंत्रित
7 से 10 फरवरी तक पिहोवा में आयोजित होने वाले सरस्वती महोत्सव में आमंत्रित किया। निर्मल नागर ने अनुराग अत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशी लोगों को कुरुक्षेत्र से जोडने में अनुराग अत्री अहम रोल अदा कर रहे हैं। रेबिका पोलार्ड ब्रह्मसरोवर पर पहुंची।  उन्होने आरती स्थल व श्री कृष्ण अर्जुन रथ की भी सराहना की। ब्रह्मसरोवर की पवित्रता को जानकर पानी हाथों व मुंह पर लगाया।

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प्रत्येक वर्ष अमेरिका से लेकर आती हैं 100 पर्यटक
अनुराग अत्री ने बताया कि रेबिका पोलार्ड प्रत्येक वर्ष अमेरिका से तकरीबन 100 पर्यटकों को भारत में भ्रमण के लिए लेकर आती हैं। अब तक वे जयपुर या बनारस में ही पर्यटकों को लेकर जाती रही हैं। वे अमेरिकन पर्यटकों को कुरुक्षेत्र में लेकर आएं इसके लिए उन्होंने रेबिका पोलार्ड को कुरुक्षेत्र भ्रमण के लिए बुलाया है। 

दो को साउथ अफ्रिका के अध्यात्मिक गुरु जो जेम्स पहुंचेंगे कुरुक्षेत्र
अनुराग अत्री ने बताया कि 2 फरवरी को साउथ अफ्रिका के अध्यात्मिक गुरु जो. जेम्स भी कुरुक्षेत्र में पहुंच रहे हैं। वे यहां पर योगा व अध्यात्म के बारे जानेंगे।

Posted By: Ravi Dhawan