पानीपत, जेएनएन - पानीपत शहर से बड़ी खबर आ रही है। भाजपा नेता पूर्व पार्षद हरीश शर्मा ने गोहाना रोड पर दिल्‍ली पैरलल नहर में खुदकुशी के लिए छलांग लगा दी। उन्‍हें बचाने के लिए उनके भाई सतीश शर्मा और किशनपुरा में राशन डिपो चलाने वाले राजेश शर्मा नहर में कूदे। राजेश और हरीश को तैरना नहीं आता था। दोनों ही नहर में बह गए। सतीश शर्मा को लगा कि वे डूबने वाले हैं, तो किसी तरह वापस किनारे पर लौटे। गोताखोर दोनों की तलाश कर रहे हैं। पूर्व पार्षद हरीश शर्मा के नहर में कूदने के मामले में प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने कड़ा संज्ञान लिया है। 

पटाखे बेचने के आरोप में खुद व पार्षद बेटी अंजली पर केस दर्ज होने से खफा भाजपा नेता एवं लगातार तीन बार पार्षद रहे हरीश शर्मा ने वीरवार सुबह यहां महराणा गांव के सामने दिल्ली पैरलल नहर में छलांग दी। उन्हें बचाने के प्रयास में दोस्त व राशन डिपो के पूर्व प्रधान राजेश शर्मा भी पानी में बह गए। छोटा भाई सतीश बचाने के लिए नहर में कूदा, लेकिन सफल नहीं हो पाया। उन्हें एक लकड़ी के सहारे पड़ोस के ही युवक ने बचा लिया। दो बोट और पांच गोताखोर नहर में पानीपत से खूबडू तक दोनों की तलाश में जुटे रहे। घटना सुबह करीब 9:15 बजे की है। हरीश शर्मा केस रद करने की मांग कर रहे थे।

बड़ी संख्‍या में भाजपाई नहर के पास पहुंचे 

हरीश शर्मा के नहर में डूबने की खबर लगते ही शहर के विधायक प्रमोद विज, पार्षद लोकेश नांगरू, दुष्‍यंत सहित बड़ी संख्‍या में भाजपा कार्यकर्ता गोहना रोड पर पहुंच गए। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा था कि डूबे हुए दोनों लोग सही सलामत मिल जाएं। 

 

हरीश शर्मा, फाइल फोटो। 

हरीश के घर के बाहर भीड़

तहसील कैंप में हरीश शर्मा के घर के बाहर भीड़ लग गई है। हर कोई यही जानने पहुंच रहा है कि खबर सही है या गलत। सभी कह रहे थे कि हरीश के डूब जाने की खबर गलत ही हो। 

दीवाली की रात से तनाव में थे 

हरीश शर्मा दीवाली की रात से तनाव में थे। दरअसल, दीवाली के दिन तहसील कैंप चौकी पुलिस पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक पटाखे बेचने वाले को पकड़ा। वहीं पर हरीश शर्मा आ गए। उन्‍होंने यह कह दिया कि ये पटाखे उनके हैं। इस पर पुलिस ने उन पर ही केस दर्ज कर लिया। उनकी बेटी पार्षद अंजली शर्मा पर भी केस दर्ज हुआ।  

एक दिन पहले पुलिस को दी थी चेतावनी

एक दिन पहले ही हरीश शर्मा ने सब्‍जी मंडी में पहुंचकर सब्‍जी बेचने वालों का समर्थन कर पुलिस को चेतावनी दी थी कि उन्‍हें पकड़कर दिखाएं। उन्‍होंने कहा था कि वह अपने समर्थकों के लिए जान भी दे सकते हैं। पुलिस गलत फंसा रही है। एक ही एरिया को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। किसे  पता था कि जान देने के लिए नहर में छलांग ही लगा देंगे। 

 

Edited By: Ravi Dhawan

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