पानीपत, जेएनएन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एचएस दहिया ने मौसेरे भाई की पत्नी की हत्या के दोषी बूटा सिंह पुत्र महेंद्र निवासी गांव फरीदपुर को उम्रकैद की सजा और 40 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। हत्या के बाद दोषी घर से 90 हजार रुपये, जेवरात और बाइक लेकर फरार हो गया था। आरोपित को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मृतका की नाबालिग बेटी की गवाही अहम रही। 

शिकायत पक्ष के वकील रविंद्र तोशामड़ ने बताया कि सात जुलाई 2016 को सिटी थाना गांव भैंसवाल मोड़ के पास 30 वर्षीय रुप्रिंद्र कौर पत्नी महल सिंह की घर में हत्या हो गई था। रुपिंद्र के गले में चुनरी का फंदा लगा था। घर से 90 हजार रुपये, जेवरात और बाइक गायब थी। मृतका की सास सुरेंद्र कौर ने अपनी बहन के बेटे बूटा सिंह पर संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

पंजाब में छिपता रहा बूटा
फरार बूटा कई दिन तक पंजाब में छिपकर रहा, 13 जुलाई 2016 को पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया था कि घर में रकम रखी है, इसकी जानकारी थी। चोरी करने की नीयत से दीवार फांदकर भाभी के घर में घुसा था। इस दौरान, भाभी की नींद खुल गई और विरोध करने लगी। इस पर उनकी चुनरी से ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 56 हजार रुपये, जेवरात और बाइक भी बरामद कर लिया था। 

लूट के बाद मृतका के पति के साथ रहा बूटा
मृतका के पति महल सिंह ने बताया कि घटना वाली रात वह और बूटा खेतों में जीरी लगा रहे थे। पत्नी रुपिंद्र कौर, बेटी प्रीत, गुल्लू और बेटे युवराज के साथ घर में सो रही थी। बूटा रात्रि करीब 12 बजे तक खेत में रहा इसके बाद गांव जाने की बात कहकर बाइक लेकर खेतों से चला गया। वह अपने घर न जाकर उसके घर पहुंचा, करीब दो घंटे तक घर में रहा। इसके बाद, हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया, फिर दोबारा खेतों में आ गया। इसके बाद दोनों खेत में ही सो गए। सुबह करीब सात बजे हत्या की सूचना आई, इससे पहले ही बूटा वहां से फरार हो गया था। 

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Posted By: Anurag Shukla

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