जागरण संवाददाता, पानीपत : प्रदेश सरकार के आदेश पर सिविल अस्पताल में प्रत्येक बुधवार को दिव्यांगों का मेडिकल परीक्षण कर, प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। इस बार 25 दिव्यांग पहुंचे, इनमें से आठ को बौद्धिक क्षमता जांच कराने के लिए खानपुर मेडिकल कालेज रेफर किया गया।

बुधवार को सुबह आठ बजे ही दिव्यांग सिविल अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए थे। संख्या कम होने के कारण आपाधापी जैसी स्थिति नहीं रही। बैठने के लिए बैंच भी मिली, बैंच पर बैठने में अक्षम दिव्यांग फर्श पर बैठे दिखे। गनीमत यह कि बोर्ड में बैठने वाले सभी चिकित्सक भी मौजूद रहे। मानसिक रोगियों की बौद्धिक क्षमता जांचने की अस्पताल में सुविधा नहीं है, इसलिए खानपुर भेजा गया।बता दें कि फिजिशियन नहीं होने के कारण लकवाग्रस्त दिव्यांगों को मेडिकल जांच के लिए करनाल भेजा जाता है। आडियोलाजिस्ट भी संविदा पर है। लीगल मेडिकल में उसकी रिपोर्ट मान्य नहीं है। मूक-बधिरों को रोहतक पीजीआइ रेफर किया जाता था। चिकित्सक ने मांगा कंप्यूटर

दिव्यांग शिविर का जिम्मा संभाले डा. नवमीत ने डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया को मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने इंटरनेट सुविधा सहित कंप्यूटर, एक आलमारी और फर्नीचर की मांग की है।

Edited By: Jagran