अंबाला, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक मातृत्व लाभ योजना है, इसके अंतर्गत महिलाओं की आर्थिक मदद की जाती है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को तीन आसान किश्तों में 5000 की मदद प्रदान की जाती है। विशेष मातृ और बाल स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकता को पूरा करने के लिए परिवार के पहले जीवित बच्चे के लिए प्रोत्साहन स्वरूप यह राशि प्रदान की जाती है। तीन किश्तों में रुपये पाने के लिए हर बार आवेदन करके कुल 13 पन्नों के फार्म भरने होते है। हर पंजीकरण, आधार, पूरा भरा हुआ मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड जमा करना होता है।

इसके अलावा 11 पन्नों को और भी फार्म होता है जिसपर अगर कहीं गलत सूचना दर्ज की गई तो उसे योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना कार्यक्रम में जिला से महिला एवं बाल विकास परियो।जना अधिकारी, सुपरवाइजर, आंगनबाडी वर्कर, हेल्पर, स्वास्थ्य विभाग से आशा वर्कर ने ट्रेनिग दी जा चुकी है। अब योजना के प्रचार प्रसार की तैयारियां चल रही है।

इन्हें नहीं मिलता है लाभ

केंद्र व राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ नियमित रूप से कर्मचारी हैं या जो किसी भी कानून के तहत समान लाभ प्राप्त कर रही हैं उन्हें इस स्कीम में सरकार ने शामिल नहीं किया है।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर कराना होता है पंजीकरण

रजिस्ट्रेशन अंतिम मासिक धर्म के 150 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए। लाभार्थी के लिए गर्भावस्था की तारीख को उसकी अंतिम मासिक धर्म तारीख को ध्यान में रख कर गिना जाता है। योजना के तहत मातृत्व लाभ प्राप्त करने की योग्य महिलाओं को योजना के लिए आंगनबाड़ी केंद्र या एक ऐसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराना होता है, जो भी उस विशेष राज्य के लिए कार्य करता है।

सिविल सर्जन अंबाला डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि विशेष मातृ और बाल स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकता को पूरा करने को योजना का लाभ पात्रों को दिया जा रहा है। इसका लाभ अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को मिले, प्रचार प्रसार और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

Edited By: Naveen Dalal