पानीपत/कुरुक्षेत्र, जेएनएन। थाना सदर के अंतर्गत पुलिस लाइन में रह रहे पुलिस अधिकारी खुद ही कबूतरबाजों की ठगी का शिकार हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित पिता-पुत्र सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। 

पुलिस विभाग में एसआइ बलजीत सिंह ने एसपी आस्था मोदी को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा बेटा पिछले तीन साल से न्यूजीलैंड में रह रहा है। उसका बड़ा बेटा अंकुर भी कनाडा जाना चाह रहा था। उसके घर पर करनाल के रायतखाना निवासी लाल सिंह दूध देने के लिए आता था। वह भी अपने बेटों को विदेश भेजना चाह रहा था। 

दिल्‍ली के एजेंट से हुई मुलाकात

जनवरी 2019 में उनकी मुलाकात गांव समानी निवासी पिता-पुत्र सुलतान व अनिल से हुई। उन दोनों ने कहा कि उनके पास दिल्ली के तीन एजेंट हैं, जो कई लोगों को विदेश भेज कर सेटल करा चुके हैं। उन्होंने कनाडा भेजने की एवज में 22 लाख रुपये मांगे। बलजीत सिंह ने बताया कि उनके साथ एएसआइ प्रगट सिंह भी था।

यहां बनाया बंधक

सुलतान व अनिल ने दिल्ली के रहने वाले एजेंट अमरजीत, अश्विनी, कुमार प्रिंस से मिलवाया। आरोपितों के कहने पर उन्होंने 19 लाख रुपये दे दिए। आरोपितों ने कुछ समय बाद उसके पुत्र को विदेश भेज दिया, लेकिन डेढ़ माह वियतनाम व डेढ़ माह थाइलैंड के होटल में रखा। बलजीत का आरोप है कि आरोपितों ने उसके पुत्र को बंधक बनाए रखा। अप्रैल 2019 वह उसका बेटा अंकुर वापस आया। 

अन्य युवकों को भी भेजा था अंकुर के साथ 

एसआइ बलजीत सिंह का कहना है कि आरोपितों ने उसके पुत्र अंकुर मलिक के साथ, गांव रतगल निवासी विक्रम, रायतखाना निवासी सचिन, करनाल निवासी आशीष, पंजाब के एएसआइ के पुत्र गुरविंद्र व नेपाल निवासी रोहित राजकुमार को भेजा था। 

नहीं वापस किए रुपये 

एसआइ बलजीत सिंह ने बताया कि पैसे वापस लेने के लिए उसने कई बार आरोपितों के कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन आरोपितों ने ना कर दिया। शिकायत पर एसपी ने मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी महेंद्र सिंह को सौंपी। आ‍र्थिक शाखा ने जांच में शिकायत को सही पाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। थाना सदर प्रभारी जगदीश चंद ने बताया कि पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है। 

Posted By: Anurag Shukla

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