पानीपत/अंबाला, जेएनएन। जिले के दो सरपंच ने मुख्यमंत्री की घोषणा वाले एससी चौपाल निर्माण के नाम पर वित्तीय अनियमितता करते हुए पौने 11 लाख रुपये फर्जी हस्ताक्षर करके निकाल लिया। मामले की शिकायत होने पर जांच में यह खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसी उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने आरोपी दोनों सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

नारायण खंड के मियापुर के सरपंच कर्मचंद और उज्जल माजरी के लखविन्दर सिंह ने एससी चौपाल निर्माण के लिए आए धन का ग्राम सचिव का फर्जी हस्ताक्षर करके 10 लाख 73 हजार 120 रुपये बैंक से निकाल लिया। इस मामले की शिकायत स्थानीय ग्रामीणों ने डीसी से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों से की। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई, जांच टीम ने पाया कि गांव मियां माजरा के सरपंच कर्मचन्द के खिलाफ मुख्यमंत्री घोषणा में वर्ष 2017-18 में एससी चौपाल के निर्माण के तहत ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर 6 लाख 55 हजार गबन कर लिया। गांव उज्जल माजरी के सरपंच लखविन्द्र सिंह पर 10 लाख 73 हजार 120 रुपए हड़पने का आरोप है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसी अशोक कुमार शर्मा ने दोनों को निलंबित कर दिया। 

पंचायत की किसी बैठक में नहीं ले सकेंगे भाग

डीसी के निलंबन आदेश में कहा गया है कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(2) के तहत पंचायत के किसी भी कार्रवाई या बैठक में भाग नही ले सकेंगे और ग्राम पंचायत की जो भी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड है, वह तुरंत बहुमत वाले पंच को देना सुनिश्चित करें। 

मियापुर के सरपंच कर्मचंद के खिलाफ एफआइआर करने के आदेश किया गया है। साथ ही उज्जल माजरी के सरपंच लखविंदर सिंह से गबन की धनराशि रिकबरी करने के आदेश दिए गए हैं।

प्रताप सिंह, डीडीपीओ, अंबाला

Posted By: Anurag Shukla

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