जागरण संवाददाता, पानीपत : सिवाह के स्टेडियम में ट्रैक से तो बिजली निगम ने खंभा हटा दिया था, लेकिन एक महीने बाद भी मैदान के बीच से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की तार नहीं हटाई गई है। इस तार की वजह से जैवलिन, हेमर और डिस्कस थ्रो के एथलीट अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। बिजली निगम को बजट का इंतजार है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कहना है कि बिजली की लाइन शिफ्टिग में बिजली निगम का 17 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका प्रपोजल प्रदेश सरकार के पास भेज रखा है। वहां से राशि मिलते ही बिजली निगम के खाते में जमा करा दी जाएगी। फिलहाल कुछ दिनों तक खिलाड़ियों को बिजली की लाइन न हटने से दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। पंचायत ने लाइन शिफ्टिग की मांग की

रविवार को डीसी सुशील सारवान ने जिला खेल अधिकारी राज यादव व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ सिवाह के स्टेडियम का जायजा लिया था। तब सिवाह गांव के निवर्तमान सरपंच खुशदिल कादियान व ग्रामीणों ने डीसी से मांग की थी कि स्टेडियम के अंदर से बिजली की लाइन को बाहर शिफ्ट किया जाए। डीसी ने बिजली निगम के अधिकारियों को शीघ्र लाइन हटाने के आदेश दिए थे। लाइन हटे तो अभ्यास कर पाएंगे : विक्रांत

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जैवलिन थ्रो के रिकार्डधारी उग्राखेड़ी गांव के विक्रांत मलिक और हेमर थ्रोअर चेतन का कहना है कि सिवाह के स्टेडियम के मैदान के बीच से बिजली की तार है। अभ्यास करते हैं तो तार से जैवलिन व हेमर टकरा जाता है। इससे नुकसान होने का खतरा है। तार हटा ली जाए तो एथलीट ठीक से अभ्यास कर पाएंगे। स्टेडियम के मैदान के बीच से बिजली की लाइन हटाई जाएगी। इस पर 17 लाख रुपये खर्च होने हैं। इस बजट की प्रदेश सरकार से मांग की गई है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है।

- अजीत सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी

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