पानीपत के पद्मश्री किसान का 'विधायक' लहरा चुका UP से बिहार तक परचम; कीमत 15 करोड़ और नवाबों वाली है डाइट
पानीपत के डिडवाड़ी गांव का मुर्रा नस्ल का झोटा 'विधायक' अपनी 15 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत और 23 प्रतियोगिताओं ...और पढ़ें
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15 करोड़ कीमत वाला पानीपत के पद्मश्री किसान का 'विधायक' झोटा। फोटो जागरण
HighLights
'विधायक' झोटा की अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये है।
इसने 23 पशु प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
पद्मश्री नरेंद्र सिंह इसके मालिक और पशुपालक हैं।
जागरण संवाददाता, पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले के गांव डिडवाड़ी का मुर्रा नस्ल का झोटा (भैंसा) ‘विधायक’ इन दिनों अपनी कीमत, कद-काठी और प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन को लेकर चर्चा में है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
साढ़े पांच साल की उम्र में यह झोटा विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं में 23 बार प्रथम स्थान हासिल कर चुका है। इसके मालिक पद्मश्री सम्मानित पशुपालक नरेंद्र सिंह हैं, जिन्होंने करीब तीन दशक की मेहनत से पशुपालन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
पद्मश्री नरेंद्र सिंह की मेहनत का परिणाम
नरेंद्र सिंह पानीपत के गांव डिडवाड़ी के रहने वाले हैं। उन्होंने मुर्रा नस्ल की भैंसों और अन्य पशुओं के संरक्षण तथा नस्ल सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। उनके इसी योगदान के लिए वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। नरेंद्र सिंह इससे पहले ‘गोलू’ और ‘गोलू-2’ जैसे प्रसिद्ध झोटे भी तैयार कर चुके हैं। ‘विधायक’ उनकी इसी परंपरा की अगली कड़ी है।
21 से अधिक प्रतियोगिताओं में जीत
मुर्रा नस्ल के झोटे ‘विधायक’ की ऊंचाई करीब साढ़े पांच फीट बताई जाती है। इसकी मजबूत कद-काठी और नस्लीय विशेषताएं इसे दूसरे पशुओं से अलग पहचान देती हैं।
पशुपालक के अनुसार, यह हरियाणा के साथ पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में आयोजित प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुका है। फरवरी 2026 में सामने आई रिपोर्टों में इसके 21 से अधिक प्रतियोगिताओं में प्रथम रहने की जानकारी दी गई थी। अब अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों में इसकी उपलब्धियों की संख्या 23 बताई गई है।

कुरुक्षेत्र में जीते दो बड़े पुरस्कार
फरवरी 2026 में कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्यस्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में ‘विधायक’ ने दो प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार जीते। इसे प्रजनन चैंपियन का खिताब मिला, जिसके लिए 2.51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
इसके अलावा मुर्रा वयस्क वर्ग में प्रथम स्थान हासिल करने पर 51 हजार रुपये का पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि के बाद झोटा एक बार फिर पशुपालकों और पशुधन विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
खानपान और देखभाल भी चर्चा में
‘विधायक’ की देखभाल और खानपान को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, प्रतियोगिताओं के दौरान उसके आहार में काजू-बादाम भी शामिल किए जाते हैं।
हालांकि, पशुपालक के अनुसार, उनके फार्म पर पशुओं को सामान्य तौर पर आम पशु आहार ही दिया जाता है। बेहतर देखभाल, उचित पोषण और नस्ल सुधार के प्रयास पशुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
15 करोड़ रुपये कीमत का दावा
‘विधायक’ की अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, यह बताई गई अनुमानित कीमत है, किसी वास्तविक बिक्री का प्रमाण नहीं। इसकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी प्रतियोगिताओं में लगातार जीत और अच्छी नस्ल के पशुओं के प्रजनन में उपयोग की संभावनाएं हैं।
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पशुपालन में नई संभावनाओं की मिसाल
नरेंद्र सिंह के प्रयास बताते हैं कि पशुपालन केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है। अच्छी नस्ल का संरक्षण, वैज्ञानिक तरीके से प्रजनन और पशुओं की उचित देखभाल भी इस क्षेत्र में पहचान और आर्थिक संभावनाएं पैदा कर सकती हैं। डिडवाड़ी का ‘विधायक’ इसी वजह से हरियाणा के पशुपालन जगत में खास पहचान बना चुका है।
