चंडीगढ़, जेएनएन। Coronavirus Lockdown in Haryana: कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से लोगों को बचाने के लिए देशभर में लॉकडाउन है। केवल आपात सेवाएं ही देश में चालू हैं। सड़कें सूनी-सूनी नजर आ रही हैं। कुछ लोगों को छोड़ दें तो अन्य लोग रोजमर्रा की चीजों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। सरकार भी व्यवस्था कर रही है कि लोगों को रोजमर्रा की चीजों मिलती रहें।

लॉकडाउन का पूरा पालन हो इसके लिए सरकार नेे वरिष्ठ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को फील्ड में उतार दिया है। प्रदेश के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी जिला उपायुक्तों के साथ तालमेल कर Covid-19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान लोगों के लिए योजनाएं बनाने, उन्हें क्रियान्वित करने, जरूरतमंदों को मांग के अनुसार वस्तुएं उपलब्ध करवाने के कार्य की निगरानी कर रहे हैं। आइए तस्वीरों में देखते हैं प्रदेशभर में लॉकडाउन के दौरान क्या स्थिति रही। 

अंबाला शहर में नाके पर तैनात पुलिस। पिछले दो दिनों के मुकाबले वीरवार को लोग सड़कों पर कम निकले। हालांकि रोजमर्रा की जरूरतों सब्जी, राशन, दवा आदि लेेने के लिए लोग बाहर निकल रहे हैं। 

अंबाला स्थ्ति सरकारी अस्पताल में तीन ओपीडी गायनिक, बाल रोग विभाग और मेडिसन में ही मरीज देखे जा रहे हैं। इस दौरान मरीजों के बीच दूरी बनी रहे इसके लिए ओपीडी के बाहर गोले मारकर खड़े होने की जगह तय की गई है। इसका मकसद संक्रमण फैलने से रोकना है। ओपीडी में रोजाना करीब 150 मरीज पहुंच रहे हैंं। इन मरीजों से भी ओपीडी में लाइन नहीं लगने की अपील की जा रही है। पहले यहां रोजाना लगभग 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं।

कभी अत्यधिक व्यस्त रहने वाला यह है दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग। इन दिनों इस मार्ग पर सन्नाटा पसरा हुआ है। 

रोहतक में लॉकडाउन के दौरान पुलिस का कानून का पालन करवाने के लिए आक्रामक रूप भी दिख रहा है तो भूखों को भोजन कराने के लिए दयाभाव वाला रूप भी। रोहतक के पुलिस उपाधीक्षक सज्जन कुमार फुटपाथ पर बैठे लोगों को खाना खिलाते हुए। ये लोग गुब्बारे बेचकर अपना गुजारा कर रहे थे, लेकिन अब उनको खाने का संकट हो गया है।

महामारी में रह न जाए कोई भूखा... कोरोना वायरस महामारी के चलते सभी परेशान हैंं। हालंकि, हाशिए के लोगों की चिंता अन्य लोगों से कहीं अधिक है। दो वक्त की रोटी के लाले इन लाेगों को पड़ गए हैं। जगह-जगह पर पुलिस, सरकार विभाग व आमजन लाेगों को खाना-दवाइयां बांट रहे हैं। फिलहाल, कोशिश होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति इस महामारी में भूखा न सोए। तस्वीर रोहतक की सब्जी मंडी की है, जरूरतमंद बच्चे कचरे से खाने-पीने की चीजों को एकत्र कर रहे हैं।

कोरोना वायरस की महामारी से बचने के लिए ग्रामीण भी सतर्क हैं। ग्रामीण किसान खेतों में जाने से पहले पूरी एहतिहात बरत रहे हैं। यमुनानगर के चंदाखेड़ी में मुंह पर पर मास्क लगाकर बिजाई के लिए गन्ना काटतेे किसान।

रोहतक में झज्जर रोड स्थित रिलायंस फ्रेश के बाहर ग्राहकों की सामान खरीदने के लिए लगी लाइन। यहां लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर निकल रहे हैं। लोग बाहर न निकले इसके लिए जगह-जगह पुलिस का पहरा है। 

शहर में जरूरत की चीजों की कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। सब्जी मंडी में सब्जी खरीदते लोग। इस दौरान मंडी में सर्किल बनाए गए हैं, ताकि लोग इनमें खड़े हों और सब्जी विक्रेताओं व ग्राहकों के बीच उचित दूरी बनी रहे। 

 

पानीपत में भी लॉकडाउन के दौरान लोग बाहर संक्रमण न फैले इसलिए घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। लोग आवश्यक चीजों दूध, राशन, सब्जी, दवा आदि को लेने के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। पानीपत में असंध रोड स्थित लाल बत्ती चौक पर दवा लेने के लिए लगी कतार। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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