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पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला 8 महीने बाद जेल से आएगा बाहर, पर्ल ग्रुप की जमीन घोटाले में पंचकूला कोर्ट से राहत

Published: Thu, 05 Nov 2026 05:44 PM (IST)

पंचकूला कोर्ट ने पर्ल ग्रुप जमीन घोटाले में पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को आठ महीने बाद जमानत दे दी है। ...और पढ़ें

जमानत देते समय कोर्ट ने कहा-विक्रम सिंगला को नियमित पेशी पर आना होगा। (एआई जनरेटेड फोटो)

जमानत देते समय कोर्ट ने कहा-विक्रम सिंगला को नियमित पेशी पर आना होगा। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. जमीन घोटाले में अवैध रजिस्ट्री का था आरोप।

  2. एसीबी ने 30 जनवरी को किया था गिरफ्तार।

  3. मामले में पटवारी और कानूनगो भी हैं आरोपित।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। रायपुररानी में पर्ल ग्रुप की प्रतिबंधित जमीन की अवैध रजिस्ट्री से जुड़े मामले में पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को अदालत से बड़ी राहत मिली है।

जिला अदालत ने आरोपित की जमानत याचिका मंजूर करते हुए विक्रम सिंगला को रिहा करने का आदेश दिए हैं। 30 जनवरी 2026 को स्टेट विजिलेंस व एंटी करप्शन ब्यूरो ने विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया था और वह आठ महीने से जेल में बंद था।

रायपुररानी तहसील में पर्ल ग्रुप की करीब 17.55 एकड़ अटैच जमीन, जिसकी कीमत 7.87 करोड़ रुपये है, की फर्जी रजिस्ट्री करवाकर उसे बेच दिया गया था। यह बिक्री 19 दिसंबर 2025 को हुई थी। विक्रम सिंगला उस समय रायपुररानी के तहसीलदार थे।

आरोप है कि उन्होंने पूर्व तहसीलदार जोगिंदर शर्मा, पटवारी नरेंद्र डबास और कानूनगो दीपक कुमार के साथ मिलकर राजस्व रिकाॅर्ड से रोक संबंधी एंट्री हटाईं। म्यूटेशन मंजूर किया और सेल डीड रजिस्टर करवाई।

अभियोजन का दावा है कि जोगिंदर शर्मा से 10 लाख रुपये की रिश्वत तय हुई थी, जिसमें से 5 लाख रुपये विक्रम सिंगला को मिले। जांच एजेंसियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इन जमीनों पर पूर्ण प्रतिबंध था। बावजूद इसके अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर जमीन का सौदा करवा दिया गया।

देश छोड़कर नहीं जा सकता सिंगला

बचाव पक्ष ने दलील दी कि विक्रम सिंगला ने केवल आधिकारिक काम किया। फाइलें एसडीएम कार्यालय से आई थीं। पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई। उनकी पत्नी को वोकल कार्ड कैंसर है और बुजुर्ग पिता को प्रोस्टेट कैंसर के मरीज है। सिंगला लंबे समय से जेल में हैं। ऐसे में उन्हें राहत दी जाए।

वहीं सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि तहसीलदार होने के नाते विक्रम सिंगला ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की। करोड़ों रुपये की सार्वजनिक जमीन का घोटाला है।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर दी। वहीं जमानत की शर्तें तय करते हुए अदालत ने कहा कि आरोपित को नियमित पेशी पर आना होगा। पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना होगा वह देश छोड़कर नहीं जा सकता।

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