दीपावली-छठ पर बिहार जाना हुआ आसान, हरियाणा से 12 मार्गों पर चलेंगी बसें; किराए में 1100 तक की मिलेगी बंपर छूट
हरियाणा और बिहार के बीच जल्द ही 12 नए अंतरराज्यीय बस मार्ग शुरू होंगे, जिससे यात्रियों का सफर आसान हो ...और पढ़ें
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दिवाली-छठ पर घर जाना हुआ आसान। फोटो एआई की मदद से बनाई गई है
HighLights
हरियाणा-बिहार के बीच 12 नए अंतरराज्यीय बस मार्ग।
गुरुग्राम, पानीपत, अंबाला से पटना, पूर्णिया, गया तक सीधी बसें।
दिवाली-छठ पर विशेष बसें और किराये में छूट।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द ही 12 अंतरराज्यीय मार्गों पर बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना, पूर्णिया और मधुबनी तथा गुरुग्राम और अंबाला से गया के बीच यात्रियों को सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी। सबसे लंबा मार्ग अंबाला से पूर्णिया तक 1470 किलोमीटर का है, जबकि गुरुग्राम से पटना की दूरी 1044 किलोमीटर रहेगी।
परिवहन सचिव अतुल द्विवेदी ने दोनों राज्यों के बीच समझौते की अधिसूचना जारी करते हुए 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। परमिट की शर्तें, किराया निर्धारण, वाहनों की उम्र, टैक्स की वसूली और प्रदूषण मानकों तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के साथ ही दोनों राज्यों के बीच बसों के संचालन की निगरानी और अनधिकृत परिचालन पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
गुरुग्राम से पटना का 1044 किलोमीटर का मार्ग सोहना, पलवल, अलीगढ़, लखनऊ, आलमबाग, आजमगढ़, बक्सर और आरा से होकर गुजरेगा। पानीपत से पटना का प्रस्तावित मार्ग 1069 किलोमीटर का है, जो दिल्ली, नोयडा, आजमगढ़, बक्सर और आरा से होकर जाएगा। अंबाला से पटना की दूरी 1274 किलोमीटर रहेगी। इस मार्ग पर करनाल, मेरठ, बुलंदशहर, एटा, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर और गोपालगंज पड़ेंगे।
इन शहरों के लिए भी चलेंगी बसें
पूर्णिया के लिए गुरुग्राम से 1267 किलोमीटर, पानीपत से 1361 किलोमीटर और अंबाला से 1470 किलोमीटर का मार्ग प्रस्तावित है। इन मार्गों में लखनऊ, गोरखपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहर शामिल हैं। गया के लिए गुरुग्राम से 1081 और 1099 किलोमीटर के दो मार्ग रखे गए हैं।
दोनों मार्गों में दिल्ली, अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मुगलसराय, भभुआ, सासाराम और औरंगाबाद क्षेत्र शामिल हैं। अंबाला से गया का प्रस्तावित मार्ग 1224 किलोमीटर का है। मधुबनी के लिए गुरुग्राम से 1183, पानीपत से 1264 और अंबाला से 1378 किलोमीटर के मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें लखनऊ, गोरखपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे प्रमुख पड़ाव शामिल हैं।
बसें किस समय चलेंगी और रोजाना कितने फेरे लगाएंगी, यह अभी तय नहीं है। समय-सारिणी दोनों राज्यों के संबंधित परिवहन प्राधिकरण अपने परिवहन उपक्रमों से परामर्श करके निर्धारित करेंगे। एक्सप्रेस, डीलक्स, डीलक्स एसी और एसी स्लीपर बसें चलाई जा सकेंगी।
10 साल से पुरानी बसें नहीं चलेंगी
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित अंतरराज्यीय मार्गों पर 10 साल पुरानी बसों को चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। दूसरे राज्य में टैक्स बकाया होने पर आवेदक को नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा। अस्थायी मालवाहक परमिट एक बार में अधिकतम 30 दिन के लिए जारी किए जा सकेंगे।
पर्यटक बसों के लिए 15 दिन का परमिट दिया जाएगा। बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और कम से कम एक आपातकालीन बटन लगाना अनिवार्य रहेगा। बस खराब होने की स्थिति में दोनों राज्यों को एक-दूसरे के वाहनों को प्राथमिकता से सहायता उपलब्ध करानी होगी।
दिवाली और छठ पर चलेंगी विशेष बसें
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम दिवाली और छठ महापर्व पर पटना से हरियाणा के लिए सात, गया से दो, पूर्णिया से 18 तथा दरभंगा से 22 विशेष बसें चलाएगा। विशेष बात यह कि बस किराये में छूट भी दी जा रही है। भागलपुर से अंबाला रूट पर एसी स्लीपर बस का वास्तविक किराया 3603 रुपये है, जिस पर 1113 रुपये की छूट दी जा रही है।
पूर्णिया से अंबाला रूट का किराया 3462 रुपये है, जिस पर 1103 रुपये की छूट है। इसी तरह मधुबनी से अंबाला रूट पर वास्तविक किराया 3257 रुपये है, जिस पर 1092 रुपये की छूट मिल रही है।
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