जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के लगातार तीसरे सत्र में कोई भी विधायक अपने क्षेत्र के मसले नहीं उठा सकेगा। सोमवार से शुरू हो रहे विशेष सत्र में प्रश्नकाल को सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनाया गया है। पहले दिन राज्यपाल सत्यदेव नारायण का अभिभाषण होगा, जबकि अगले दो दिन विधायकों की ट्रेनिंग का शेड्यूूूल हैैै।          

अक्टूबर में नई विधानसभा गठित होने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में विधायकों को शपथ दिलाने और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था। इसके बाद 26 नवंबर को फिर से एक दिन के लिए विधानसभा सत्र बुलाया गया, जिसमें डिप्टी स्पीकर का चुनाव हुआ। दूसरे सत्र में भी प्रश्नकाल नहीं हुआ जिससे विधायक अपने क्षेत्रों की आवाज नहीं उठा सके।              

अब सोमवार से शुरू होने जा रहा विधानसभा सत्र तीन दिन तक चलेगा, लेकिन विधानसभा की कार्यवाही केवल 20 जनवरी को ही होगी। इस वर्ष का पहला सत्र होने के चलते पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा पारित एससी/एसटी संशोधन एक्ट को हरियाणा विधानसभा में मंजूरी प्रदान की जाएगी। 21 व 22 जनवरी को भी विधानसभा सत्र का हिस्सा माना जाएगा। उस दिन कोई विधायी कार्य नहीं होगा, बल्कि हरियाणा में पहली बार चुनकर आए विधायकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।            

हरियाणा में इस बार 44 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार चुनकर आए हैं। उन्हें सदन की कार्यवाही, सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करने के लिए यह सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे।             

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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