जासं, कालका (पंचकूला) : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की जिस बस पर हमला हुआ, वह वर्ष 2008 में सीपीआरएफ कैंप पिंजौर की ओर से रजिस्टर्ड करवाई गई थी। इस बस में ही सीआरपीएफ के शहीद हुए जवान बैठे थे। एक नंबर प्लेट, जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और बार-बार कहा जा रहा है कि यह नंबर प्लेट उस आतंकवादी की गाड़ी की है, जिसने ब्लास्ट किया था, बिल्कुल गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल नंबर एक जवान के हाथ में दिख रही है। जिस पर एचआर 49एफ 0637 नंबर लिखा है, वह सीआरपीएफ की बस का नंबर है। वर्ष 2008 में कालका में इस बस को पिंजौर सीआरपीएफ की ओर से रजिस्टर्ड करवाया गया था। 2008 में ही इस बस को 76वीं बटालियन को सौंप दिया गया था। उस समय कालका में बड़ी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता था और इसका कंसाइन पिंजौर कैंप के पास था। हमले के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा फोटो

दरअसल हमले के बाद से सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करके लिखा जा रहा है कि जिस गाड़ी में विस्फोटक सामग्री लेकर आतंकवादी आया था, यह नंबर प्लेट उस गाड़ी की है और वह गाड़ी कालका में रजिस्टर्ड हुई थी, परंतु नंबर प्लेट सही है, लेकिन वह सीआरपीएफ की गाड़ी की है, न कि आतंकवादी की कार की। ग्रुप सेंटर ने की पुष्टि

पिंजौर ग्रुप सेंटर के असिस्टेंट कमाडेंट शिव मोहन दीक्षित ने बताया कि जिस सीआरपीएफ की बस पर आतंकवादी ने हमला किया, वह पिंजौर सेंटर की ओर से 2008 में रजिस्टर्ड करवाई गई थी। उस समय हम ही गाड़ियों की कंसाइन अथॉरिटी थे।

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