जेएनएन, चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वयंभू धर्मगुरु रामपाल की जमानत बढ़ाने से इन्कार करने संबंधी खबर गलत है। ANI द्वारा किए गए ट्वीट के आधार पर यह खबर चलाई गई थी, लेकिन बाद मेंं की गई पड़ताल के बाद यह खबर गलत पाई गई। इसके लिए हम खेद जताते हैं। 

इससे पहले ANI ने ट्वीट किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने रामपाल की जमानत बढ़ाने से इन्कार किया है। रामपाल को 26 जून को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है। रामपाल ने अपने बीमार स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि बाद में पड़ताल के बाद यह ट्वीट गलत साबित हुआ।

एएनआइ का ट्वीट।

रामपाल पर हरियाणा में कई मामले चल रहे हैं। 18 नवंबर 2014 को बरवाला के सतलोक आश्रम के आगे रामपाल समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया था। रामपाल ने महिला अनुयायियों और बच्चों को ढाल बनाकर गेट के आगे बैठा दिया था, ताकि पुलिस कार्रवाई न कर सके। आश्रम खाली कराने के दौरान पुलिस को पांच महिलाओं और एक बच्चे का शव मिला था। इस पर बरवाला थाना पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को हत्या के दो मुकदमे दर्ज किए थे। इस मामले में रामपाल जेल में है।

 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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