राजेश मलकानियां, पंचकूला : राजनीतिक शह के चलते शहर में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। शहर में पिछले दो साल में रेहड़ी फडि़यों की तादाद पहले के मुकाबले दोगुना हो गई है। कई बार अतिक्रमण को लेकर मामला गर्मा चुका है। विधानसभा में तो पंचकूला के विधायक पर इनेलो के विधायक ने 300-300 रुपये लेने तक के आरोप जड़ दिए थे। परंतु जब भी अतिक्रमण के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण या नगर निगम द्वारा मुहिम शुरू की गई, तो अधिकारियों के ट्रांसफर चर्चा का विषय बन गए। यदि अतिक्रमण के खिलाफ सरकार है तो ऐसे अधिकारियों के तबादले का तो सवाल ही नहीं उठता। अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम चलाने वाले अधिकारियों का ट्रांसफर कहीं न कहीं साफ करता है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना फडि़यों की तादाद बढऩा असंभव है। इन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी द्वारा अतिक्रमण को लेकर बड़ा मुद्दा बनाने के लिए रणनीति बना ली गई है। विधायक ज्ञानचंद गुप्ता को सीधे तौर पर घेरने के लिये विपक्ष तैयारी कर चुका है। विपक्ष ने पिछले दिनों अपने बयानों में सीधे तौर पर विधायक की शह पर उगाही तक के आरोप जड़ दिए थे। ज्ञानचंद गुप्ता को यदि दोबारा मैदान में उतारा गया तो बड़े स्तर पर इस मुद्दे को उछाले जाने की संभावना है। स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को तैयार हुए लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन उगाही बंद न हो, इसलिए आज तक पॉलिसी लागू नहीं हो पाई। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 किया जाना है लागू

पंचकूला नगर निगम के एरिया में रेहड़ी-फड़ी को सही ढंग से रेगुलेट करने के लिए स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 लागू किया जाना है। एक्ट के तहत रेहड़ी फड़ी वालों को लाइसेंस जारी करने से पहले पंचकूला में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया था। शहर के ज्यादातर सेक्टरों में इनके बैठने के लिए जगह का भी चयन हो चुका है। निगम की एक माह में स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी कर शहर को अवैध रेहड़ी-फड़ी से निजात दिलाने की प्लानिग पिछले काफी समय से तैयार है। सर्वे के आधार पर शहर में 62 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर्स खाने-पीने और सब्जी बेचने का काम कर रहे हैं। शहर में रेहड़ी-फड़ी वालों की तादाद व विभिन्न सेक्टरों में इनकी जरूरत का पता लगाने के लिए एमसी ने रूद्राभिषेक इंटरप्राइजेस लिमिटेड को सर्वे का जिम्मा सौंपा था। इस एजेंसी की सर्वे रिपोर्ट में पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में लगभग चार हजार वेंडर्स पाए गए थे। निगम की ओर से इन्हें पहचान-पत्र जारी किए जाएंगे।

एचएसवीपी ने लिया फैसला

शहर में बढ़ रही एंक्रोचमेंट को रोकने के लिए एचएसवीपी ने यह फैसला लिया है। कई रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन और एनजीओ ने अतिक्रमण के खिलाफ एचएसवीपी की टीम को सहयोग करते हुए एडमिनिस्ट्रेटर, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, चीफ सेक्रेटरी को लेटर लिखे हैं। शहर की सभी मार्केट्स में अतिक्रमण किया गया है, लेकिन सेक्टर-7, सेक्टर-9, सेक्टर-15, सेक्टर-20 की मार्केट में अतिक्रमण की भरमार है।

Posted By: Jagran

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