राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र फिलहाल टल गया है। 23 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र होने की वजह से हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में न तो लोकसभा स्पीकर आ सकते हैं और न ही राष्टपति या उप राष्पति के आने की कोई उम्मीद है। लिहाजा प्रदेश सरकार ने विशेष सत्र से पहले विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाने का निर्णय लिया है।

मंत्रिमंडल की बैठक में लगी शीतकालीन सत्र की तारीख पर मुहर, 21 दिसंबर तक चलने की संभावना

हरियाणा मंत्रिमंडल की बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से बुलाने का निर्णय लिया गया। इसकी सूचना विधानसभा सचिवालय को भेज दी गई है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा सचिवालय को जानकारी दी है कि उसके पास तीन दिन का बिजनेस (कार्य) है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि शीतकालीन सत्र 21 दिसंबर तक चलेगा।17 दिसंबर को शुक्रवार है। 18 दिसंबर को शनिवार और 19 दिसंबर को रविवार के अवकाश रहेंगे। 20 दिसंबर को सुबह व शाम दो पालियों में तथा 21 दिसंबर को पहली पाली में विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही चलेगी।

संसद सत्र 23 दिसंबर तक चलने की वजह से विशेष सत्र के लिए नहीं मिला लोकसभा स्पीकर का समय

संसदीय कार्य मंत्री कंवरपाल गुर्जर के अनुसार विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अवधि कितनी होगी, इस पर अंतिम फैसला विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में 17 दिसंबर को ही सुबह यह बैठक होगी। इसमें विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला भी मौजूद रहेंगे। विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने का दबाव बनाया तो इसे 21 दिसंबर से आगे बढ़ाया जा सकता है, जिसकी संभावना काफी कम है।

आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित विशेष सत्र अब 23 दिसंबर के बाद ही हो पाना संभव

विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता चाहते थे कि आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित विशेष सत्र आयोजित किया जाए। इसकी तारीख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला को अपनी सुविधा अनुसार बतानी थी। स्पीकर की इच्छा थी कि राष्टपति या उप राष्टपति भी इस विशेष सत्र में पहुंचें, लेकिन बताया जाता है कि सभी 23 दिसंबर तक होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में व्यस्त हैं। लिहाजा स्पीकर को विशेष सत्र के लिए किसी का समय नहीं मिल पाया। उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा और संसद के शीतकालीन सत्र के बाद कोई नई तारीख तय कर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।

बजट सत्र तक पेपरलेस हो जाएगी हरियाणा विधानसभा

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि हम विधानसभा को ई-विधानसभा बनाने जा रहे हैं। आगामी बजट सेशन में पेपरलेस विधानसभा के तौर पर काम किया जाएगा। बजट सत्र मार्च में होता है। विधानसभा को ई-विधानसभा बनाने की प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो चुकी है। कई राज्यों की विधानसभा में पेपरलेस वर्क देखने के बाद हरियाणा विधानसभा को पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसके काफी करीब तक पहुंचा जा चुका है।

Edited By: Sunil Kumar Jha