जेएनएन, चंडीगढ़। महिलाओं की करीब एक दर्जन से ज्यादा बीमारियों में काम आने वाली विशेष तरह की मशरूम का उत्पादन करने वाली गुरुग्राम के समूह बायोक्रिडिएंस के लिए सेल्फी विद डाटर अभियान के संयोजक एवं बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान को ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। देश में यह पहला ऐसा मामला है, जब महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए किसी समूह ने पुरुष को अपना ब्रांड अंबेस्डर नियुक्त किया है।

गुरुग्राम के इंडस्ट्रीयल एरिया में बायोक्रिडिएंस के नाम से निदेशक अंशुमान कालरा और तनुश्री गुप्ता ऐसा ग्रुप चला रहे हैं, जो मशरूम की खेती करते हैं। यह मशरूम कुछ विशेष तरह की होती है, जिसका इस्तेमाल करने पर महिलाओं की करीब एक दर्जन बीमारियों का इलाज संभव है। समाजसेवा का मिशन लेकर मेवात के बेहद पिछड़े इलाके से इस कंपनी के निदेशक के तौर पर पति अंशुमान कालरा और पत्नी तनुश्री गुप्ता ने अपने कार्यों की शुरुआत की।

अंशुमान कालरा एक इंजीनियिरिंग कंपनी में अधिकारी थे। उनका पूरा परिवार समाजसेवा को समर्पित है और लोगों की जरूरत के हिसाब से उन्हें औषधियां उपलब्ध कराता है। अंशुमान कालरा व उनकी पत्नी के मन में विशेष तरह की मशरूम के उत्पादन का विचार आया, जिसके बारे में कभी उनके पूर्वज परिकल्पना करते थे। यह मशरूम बेहद ठंडे तापमान पर प्लेट में उगाई जाती है। फिर इसे सुखाकर दवाई की शक्ल में ढ़ाला जाता है। इसे गर्म पानी में एक बार खाली पेट पीना होता है, जिससे महिलाओं से जुड़ी तमाम बीमारियों जैसे सिस्ट, अनियमित मासिक धर्म, पेट के रोग, आंखों की रोशनी, थकान और यहां तक कि कैंसर का भी काफी हद तक इलाज संभव है।

अंशुमान कालरा और तनुश्री गुप्ता सुनील जागलान को ब्रांड एंबेसडर बनाने का पत्र सौंपते हुए। 

सेल्फी विद डाटर अभियान के संयोजक सुनील जागलान ने इन उत्पादों को मेवात में जरूरतमंद महिलाओं में मुफ्त बंटवाया तो इसके अच्छे नतीजे सामने आए। अब भी कंपनी ने जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त उत्पाद देने की बात कही है, लेकिन अगर कोई साधन संपन्न है तो कंपनी के खर्चे निकालने के लिए उन्हें मामूली कीमत अदा करनी पड़ सकती है। सुनील जागलान ने परिवार में तमाम तरह की हिचक खत्म करने की मंशा से मासिक पीरियड चार्ट लगाने की परंपरा शुरू कराई है। इस चार्ट में महिलाओं के मासिक आने की तारीखों का उल्लेख होगा, जिसे पुरुष भी जान सकेंगे। इससे परिवार में इस गंभीर मसले पर बातचीत करने में हिचक खत्म होगी।

समूह के ब्रांड अंबेसडर बने सुनील जागलान ने बताया कि किसी पुरुष को ब्रांड अंबेसडर बनाना वास्तव में एक सराहनीय पहल है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए वह पूरे देश में काम करेंगे। तनुश्री व अंशुमान कालरा ने बताया कि हमने तीन साल के रिसर्च से इस प्रोडक्ट को तैयार किया और यह बहुत प्रभावशाली है। महिलाओं के इन मुश्किल दिनों में पिता, भाई और पति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हमारे यहां महिला को त्याग की मूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है और वह अपने लिए कभी ज़्यादा ध्यान व ख़र्च नहीं करती है तथा सब अपने परिवार पर लगा देती है। यही मौका है कि जब उस महिला के परिजन उपहार में यह प्रोडेक्ट उन्हें प्रदान कर सकते हैं, इसलिए हमने पुरुष को ही इस प्रोडेक्ट का ब्रांड अंबेसडर नियुक्त किया है। 

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