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SIR in Haryana: 3.43 लाख मतदाताओं ने नहीं दिया नोटिस का जवाब; अब घर-घर किया जाएगा सर्वे

Published: Tue, 06 Oct 2026 07:47 PM (GMT+05:30)

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची से संबंधित 3.43 लाख से अधिक मतदाताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।

3.43 लाख मतदाताओं ने नहीं दिया नोटिस का जवाब, अब घर-घर सर्वे।

3.43 लाख मतदाताओं ने नहीं दिया नोटिस का जवाब, अब घर-घर सर्वे।

HighLights

  1. हरियाणा में 3.43 लाख मतदाताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया

  2. 7 से 9 अक्टूबर तक विशेष शिविर लगेंगे, घर-घर सर्वे होगा

  3. निर्वाचन आयोग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर रहा है

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से संबंधित नोटिस और सुनवाई मामलों के समयबद्ध निपटारे को लेकर निर्वाचन आयोग ने निगरानी तेज कर दी है।

प्रदेश में अब तक 44 लाख 91 हजार 923 नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं। इनमें से अभी तक तीन लाख 43 हजार 127 मतदाताओं ने जवाब नहीं दिया है।

नोटिस से संबंधित सुनवाई को समय पर पूरा करने के लिए सात से नौ अक्टूबर तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही घर-घर सर्वे किया जाएगा। ऐसे मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाकर दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे, जहां नोटिस मिलने के बावजूद संबंधित मतदाताओं ने अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं। आयोग ने नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की अपील की है।

मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश के 20 हजार 864 मतदान केंद्रों पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं। इनमें भाजपा ने 19 हजार 554, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 17 हजार 127, इंडियन नेशनल लोकदल ने 2186 और जननायक जनता पार्टी ने 1,093 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 314, बहुजन समाज पार्टी ने 146 और आम आदमी पार्टी ने 54 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। वहीं, बीएलए-1 के तौर पर भाजपा और कांग्रेस ने 90-90, आम आदमी पार्टी ने 82, जननायक जनता पार्टी ने 87, इंडियन नेशनल लोकदल ने 79, बहुजन समाज पार्टी ने 63 और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 36 नियुक्तियां की हैं।

आयोग लंबित सुनवाई मामलों की नियमित समीक्षा कर रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करते हुए मामलों का शीघ्र निपटारा करने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।