विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा में रमी और पोकर अब जुआ नहीं, गेंबलिंग प्रिवेंशन एक्ट में नायब सरकार ने किया संशोधन

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:41 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने रमी और पोकर को पारंपरिक जुए की श्रेणी से हटाकर कौशल आधारित खेल घोषित कर दिया है।

हरियाणा में रमी और पोकर अब जुआ नहीं, कौशल विकास के खेल। एआई जेनरेटेड तस्वीर।

हरियाणा में रमी और पोकर अब जुआ नहीं, कौशल विकास के खेल। एआई जेनरेटेड तस्वीर।

HighLights

  1. हरियाणा सरकार ने रमी और पोकर को कौशल खेल माना

  2. इन्हें पारंपरिक जुए की श्रेणी से बाहर किया गया

  3. पैसे का दांव लगाने पर अभी भी जुआ माना जाएगा

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। एक समय था जब ताश के खेल रमी और पोकर का नाम आते ही सवाल उठता था कि कहीं यह जुआ तो नहीं। अब हरियाणा में इस सवाल का कानूनी जवाब बदल गया है।

राज्य सरकार ने रमी और पोकर को पारंपरिक जुए की श्रेणी से बाहर करते हुए इन्हें कौशल आधारित खेल घोषित कर दिया है। यानी ताश की वही गड्डी, वही मेज और वही खेल, लेकिन कानून की नजर में उसको कौशल विकास के रूप में मान्यता दे दी गई है।

गृह सचिव सुधीर राजपाल की ओर से हरियाणा सार्वजनिक द्यूत रोकथाम अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी की गई है। इसके बाद केवल मनोरंजन के लिए रमी और पोकर खेलने पर इसे जुआ मानकर रोक नहीं लगाई जा सकेगी।

सरकार ने रमी और पोकर को ऐसे खेल के रूप में माना है, जिनमें परिणाम केवल किस्मत से तय नहीं होता। खिलाड़ी की बुद्धिमत्ता, अनुभव, एकाग्रता और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी आधार पर इन्हें कौशल आधारित खेल की श्रेणी में रखा गया है।

इस बदलाव की पृष्ठभूमि में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का वह रुख भी महत्वपूर्ण है, जिसमें रमी और पोकर को जुए की पारंपरिक श्रेणी में नहीं रखने के निर्देश दिए गए थे। अब राज्य सरकार ने कानून में संशोधन कर इस स्थिति को स्पष्ट रूप दे दिया है।

मनोरंजन तक ठीक, दांव लगाया तो कानून लागू

हालांकि, सरकार ने रमी और पोकर को पूरी तरह खुली छूट नहीं दी है। अधिसूचना में इनके मनोरंजन के लिए खेले जाने की बात स्पष्ट है। यदि कोई व्यक्ति इन खेलों में रुपये-पैसे की शर्त लगाता है या जुए के तौर पर खेलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रविधान बना रहेगा।

इस तरह ताश की गड्डी पर कानूनी फैसला दो हिस्सों में बंट गया है, कौशल और मनोरंजन के लिए खेलिए तो जुआ नहीं, लेकिन धन की बाजी लगाएंगे तो कानून की नजर फिर बदल जाएगी।

यह भी पढ़ें- हरियाणा: HSVP प्लॉट धारकों को एक बार फिर राहत, मिलेगी 724 करोड़ रुपये की छूट