रिटायर्ड हो चुके 58 साल के दिव्यांग कर्मचारियों को दोबारा नहीं मिलेगी नौकरी, हरियाणा सरकार ने किया स्पष्ट
हरियाणा सरकार ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर नहीं रखा जाएगा।
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सेवानिवृत्त हो चुके 58 साल के दिव्यांग कर्मचारियों को दोबारा नहीं मिलेगी नौकरी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। 58 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सेवा से रिटायर किए जा चुके कर्मचारियों को दोबारा नौकरी में शामिल नहीं किया जाएगा।
वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और एसडीएम को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों और एडवोकेट जनरल की कानूनी राय की जानकारी साझा करते हुए वित्त विभाग ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं (एसएलपी) दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 20 अगस्त को पारित आदेश में दो तरह की परिस्थितियों को अलग-अलग माना गया है।
जिन कर्मचारियों को अभी तक सेवा से रिलीव नहीं किया गया है और जिन्हें अदालत से अंतरिम संरक्षण मिला हुआ है, उन्हें उस राहत के अनुसार सेवा में बनाए रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों को पहले ही सेवा से रिलीव किया जा चुका है, उनके मामले में अंतरिम राहत देने का सवाल नहीं उठता।
एडवोकेट जनरल की कानूनी राय में स्पष्ट किया गया है कि तीन फरवरी की अधिसूचना के बाद सेवा से रिलीव किए गए कर्मचारी दोबारा ज्वाइनिंग का दावा नहीं कर सकते। ऐसे कर्मचारियों को दोबारा सेवा में शामिल नहीं किया जाए।
जिन मामलों में हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर कर्मचारियों को सेवा से रिलीव नहीं करने अथवा उनकी स्थिति में बदलाव नहीं करने के निर्देश दिए हैं, उनमें अदालत के आदेशों का पालन करना होगा। ऐसे कर्मचारियों को उनके हक के अनुसार वेतन का भुगतान भी जारी रखा जाएगा।
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