जेएनएन, चंडीगढ़। जेल में बंद रोहतक स्थित करौंथा आश्रम और हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मांगी है। याचिका पर सरकार के विरोध के बाद हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई अक्टूबर तक के लिए टाल दी।

प्रदेश सरकार ने अदालत में दाखिल जवाब में कहा कि चूंकि रामपाल के खिलाफ ट्रायल अंतिम चरण में है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। रामपाल ने आर्यसमाज की किताब के कुछ हिस्से पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद आर्य समाजी करौंथा आश्रम को बंद कराने के लिए आक्रामक हो गए थे। रामपाल समर्थकों की गोलीबारी में तीन लोगों की जान चली गई और 160 जख्मी हो गए। रामपाल पर पूरे मामले की साजिश रचने का आरोप है।

उल्लेखनीय है कि हिसार की निचली अदालत में मामला चल रहा था, लेकिन रामपाल समर्थकों द्वारा बाधा डालने के  कारण हाई कोर्ट ने संज्ञान लेकर रामपाल को तलब किया था। बात वर्ष 2014 की है। रामपाल हाई कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो पुलिस उसे पकडऩे सतलोक आश्रम पहुंच गई। यहां रामपाल के 15 हजार समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और दो हफ्ते तक लोग आश्रम में छिपे रहे।

सरकार द्वारा बिजली-पानी और राशन की सप्लाई बंद करने के बाद बाद ही लोग बाहर आए। दोनों ओर से भिड़ंत में पांच महिलाएं और एक बच्चा मारा गया, जबकि करीब 200 लोग जख्मी हुए। बाद में आश्रम से निकले कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर बाहर नहीं निकलने दिया गया था। तभी से रामपाल जेल में है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt