नई दिल्ली, [बिजेंद्र बंसल]। राहुल गांधी के लंबी छुट्टी पर जाने के कारण हरियाणा कांग्रेस का विवाद अब सोनिया गांधी के दरबार में हल होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी लंबी छुट्टी पर विदेश जा रहे हैं और अगले एक माह तक उनके कार्यालय से किसी भी पार्टी नेता को मिलने के लिए समय नहीं दिया गया है। ऐसे में हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी पार्टी विवादों को सोनिया गांधी ही सुलझाएंगी।  पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा कांग्रेस को लेकर कई मुद्दे उठाए हैं, लेकिन अब उनकी सुनवाई सोनिया गांधी करेंगी।

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की अनुपस्थिति में सोनिया गांधी लेंगी अंतिम निर्णय

लोकसभा चुनाव में हार के बाद हरियाणा में कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद काफी गहराया हुआ है। 4 जून को नई दिल्ली 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद के समक्ष ही पार्टी नेता आपस में उलझ गए थे।

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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश कांग्रेस की कमान पाने के लिए आलाकमान पर बनाया हुआ है दबाव

इसके बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की कमान अपने हाथ में लेने के लिए आलाकमान पर दबाव बनाया हुआ है। हुड्डा ने रविवार को भी अपने समर्थक दिल्ली में बुलाए हुए थे, मगर इस बैठक से पहले ही राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने उन्हें सोनिया गांधी की तरफ से सब कुछ ठीक करवाने का आश्वासन दिया था।

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जोधपुर हाउस की मुलाकात पर टिका है सारा दारोमदार

रविवार सुबह जोधपुर हाउस में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में हुड्डा ने साफ कह दिया था कि यदि उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान नहीं दी जाती तो वह अपना अलग रास्ता चुन लेंगे।

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केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद हुड्डा ने अशोक गहलोत के साथ अन्य विकल्पों पर भी चर्चा की। बताया जा रहा है कि गहलोत ने हुड्डा को पार्टी छोड़ने की बजाए अपने अधिकार के लिए यहीं लड़ने का मंत्र दिया है। इसके अलावा जोधपुर हाउस में तीनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का मसौदा यह है कि एक सप्ताह के अंदर हुड्डा को प्रदेश कांग्रेस की कमान दिला दी जाए।

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चार पूर्व सीएम ने छोड़ी कांग्रेस, चारों ही वापस लौटे

हरियाणा में कांग्रेस छोड़ने वाले  पांच मुख्यमंत्रियों में देवीलाल को छोड़कर बाकी चारों ने पार्टी में वापसी की थी। पूर्व सीएम राव वीरेंद्र सिंह ने 1967 में कांग्रेस छोड़कर खुद के दम पर हरियाणा में सरकार बनाई थी, मगर बाद में वह कांग्रेस में लौट आए। इसके बाद चौधरी बंसीलाल और चौधरी भजन लाल ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, मगर अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में ये दोनों भी कांग्रेस में लौट आए। पूर्व सीएम बनारसी दास गुप्ता भी अपने जीवन के अंतिम दिनों में कांग्रेस में ही लौट आए थे। इनका इतिहास देखते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा समर्थक नहीं चाहते कि वे दूसरी पार्टी बनाएं।

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दहिया को अपशब्द कहने का मामला भी लटका

सोनीपत के राई हलके से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया को कथित तौर पर प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर द्वारा अपशब्द कहे जाने का मामला भी अभी लटक गया है। दहिया ने तंवर पर कार्रवाई के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा था। सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी तक दहिया का पत्र तो पहुंच गया है मगर इस पर तभी कार्रवाई होगी जब वह अपनी लंबी छुट्टी से वापस आएंगे। विधायक जयतीर्थ दहिया का कहना है कि वह इस मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यालय के संपर्क में लगातार बने रहेंगे।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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