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'कोई कितना भी बड़ा नेता...', राहुल गांधी का संजय दत्त को स्पष्ट संदेश; कांग्रेस प्रभारी को एक्शन के लिए दिया फ्री हैंड

Published: Fri, 16 Oct 2026 05:01 PM (IST)

हरियाणा कांग्रेस में नेताओं की बयानबाजी और आपसी खींचतान से हाईकमान चिंतित है। राहुल गांधी ने प्रभारी संजय दत्त को अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है।

राहुल गांधी और संजय दत्त। फाइल फोटो

राहुल गांधी और संजय दत्त। फाइल फोटो

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस जहां सड़कों पर उतरकर सरकार को घेरने और संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं पार्टी के भीतर चल रही नेताओं की बयानबाजी और आपसी खींचतान ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ पार्टी के नेता एकजुट होकर मैदान में उतरने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ नेता सार्वजनिक मंचों से अपनी ही पार्टी को असहज करने में जुटे हैं।

अब ऐसे नेताओं पर कांग्रेस हाईकमान ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। स्पष्ट संदेश है कि संगठन से ऊपर किसी का व्यक्तिगत एजेंडा नहीं चलेगा और अनुशासन तोड़ने वालों को उनकी हैसियत (राजनीतिक कद) देखकर नहीं, बल्कि उनके आचरण के आधार पर जवाब देना होगा।

अनुशासन से ऊपर रखने की छूट किसी को नहीं

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त को अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है। हाईकमान का संदेश साफ है कि पार्टी में कोई बड़ा या छोटा नहीं, सभी की जिम्मेदारी और अहमियत समान है। ऐसे में पद, प्रभाव और राजनीतिक कद को अनुशासन से ऊपर रखने की छूट किसी को नहीं मिलेगी।

राहुल गांधी ने प्रभारी को यह निर्देश उस स्थिति में दिए, जब सार्वजनिक मंचों पर एक दूसरे के विरुद्ध तीखी बयानबाजी और पार्टी के कार्यक्रमों में मारपीट की घटनाएं सामने आई और उनके प्रमाण हाईकमान के पास तक पहुंचे।

कांग्रेस हाईकमान ने अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं को पहले सुधरने का मौका देने की गुंजाइश भी छोड़ी है। ऐसे नेताओं को एक, दो और अधिकतम तीन बार समझाया जाएगा। इसके बावजूद यदि उनके व्यवहार में बदलाव नहीं आता और वे संगठन को नुकसान पहुंचाने की अपनी कार्रवाई जारी रखते हैं, तो प्रभारी उनके विरुद्ध किसी भी स्तर पर कार्रवाई कर सकते हैं।

कांग्रेस की गुटबाजी पर सवाल उठाने का मौका

इस फैसले के बाद हरियाणा कांग्रेस के उन नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो पार्टी के अंदरूनी मामलों को अधिकृत मंच पर उठाने की बजाय सार्वजनिक रूप से बयान देकर विवाद खड़ा करते हैं। प्रभारी के संज्ञान में ऐसे करीब आधा दर्जन नेताओं के मामले बताए जा रहे हैं। उनकी बयानबाजी से विरोधी दलों को कांग्रेस की गुटबाजी पर सवाल उठाने का मौका मिल रहा है।

खास बात यह है कि यह सख्ती ऐसे समय में सामने आई है, जब पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस नेता एकजुटता के साथ फील्ड में सक्रिय नजर आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के आम कार्यकर्ता भी अब संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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कांग्रेस प्रभारी को इन मुद्दों पर मिला हाईकमान का साथ

  • जवाबदेही तय: अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं को अधिकतम तीन बार समझाने का मौका।
  • कार्रवाई का अधिकार: प्रभारी संजय दत्त को सख्त कदम उठाने के लिए अधिकृत किया गया।
  • फरीदाबाद प्रकरण: मारपीट की घटना के बाद पराग शर्मा व गजना लांबा से स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब असंतोषजनक होने पर निष्कासन संभव।
  • निशाने पर कौन: सार्वजनिक मंचों से पार्टी को असहज करने वाले करीब आधा दर्जन नेताओं के मामले प्रभारी के संज्ञान में बताए जा रहे हैं। पहले उन्हें ऐसा करने से रोका जाएगा। नहीं रुकने की स्थिति में रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई होगी।