जागरण संवाददाता, पंचकूला : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे कृषि उत्पादन को और अधिक बढ़ाने की बजाए गुणात्मक उत्पादन पर बल दें। भावी पीढि़यों को शुद्ध वातावरण व शुद्ध आहार उपलब्ध करवाना विशेष प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए कृषि क्षेत्र में जहरीली दवाओं व रासायानिक खादों के प्रयोग में कमी लाना बड़ी चुनौती है। इसके लिए राज्य और जिला मुख्यालयों पर प्रयोगशालाएं स्थापित करना पर्याप्त नहीं है बल्कि हर व्यक्ति को मिट्टी की जांच की प्रक्रिया का ज्ञान होना चाहिए। स्कूल स्तर पर मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की हो स्थापना

धनखड़ बुधवार को सेक्टर-21 पंचकूला में कृषि भवन में भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के द्वितीय व तृतीय तल के भवन का शिलान्यास करने के उपरात उपस्थित प्रतिभागगियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग के साथ मिलकर दो या तीन गांवों के लिए स्कूल स्तर पर मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना करने की कार्य योजना तैयार करें। इससे जहां किसानों को अपने नजदीकी स्थान पर जांच सुविधा उपलब्ध होगी वहीं विद्यार्थियों को भी मृदा जांच की प्रक्रिया का ज्ञान उपलब्ध हो सकेगा। भवन के निर्माण पर खर्च होंगे 309:76 लाख रुपये

मंत्री ने बताया कि इस विस्तार भवन के निर्माण पर 309:76 लाख रुपये खर्च होंगे और यह कार्य एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, महानिदेशक अजीतबाला जी जोशी, वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक सुरेश गहलावत, संयुक्त निदेशक प्रशासन कुलधीर सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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