पंचकूला पुलिस ने किया साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली में सक्रिय हिसार और भिवानी के दो शातिर दबोचे
पंचकूला पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए हिसार और भिवानी के दो शातिरों को ...और पढ़ें

आरोपितों से बरामद सामान की जानकारी देती साइबर क्राइम थाने की टीम।
HighLights
70 एटीएम कार्ड, पीओएस मशीन, मोबाइल फोन बरामद।
दिल्ली-हरियाणा में कहां-कहां की ठगी, पता लगाएगी पुलिस।
बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाते थे निशाना।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। पंचकूला पुलिस ने साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिरों को दबोचा है। इनमें एक शातिर मनोज कुमार हिसार और दूसरा अनिल कुमार भिवानी का रहने वाला है। ये दोनों दिल्ली में भी सक्रिय थे। दोनों से 70 एटीएम कार्ड, एक पीओएस मशीन और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
सेक्टर-20 स्थित साइबर क्राइम थाना ने यह कार्रवाई की है। यह गिरोह एटीएम से पैसे निकालने आने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से रकम निकालता था।
साइबर क्राइम पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक सेक्टर-20 की मार्केट में अलग-अलग बैंकों के एटीएम के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन भी है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों युवकों को काबू कर लिया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार तलाशी के दौरान मनोज से विभिन्न बैंकों के 43 एटीएम कार्ड बरामद हुए, जबकि अनिल के पास से 27 एटीएम कार्ड मिले। इसके अलावा अनिल से एक पीओएस मशीन बरामद की गई।
पुलिस ने सभी कार्डों और मशीन को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपित एटीएम से पैसे निकालने आने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे।
धोखे से एटीएम का पिन जान लेते
धोखे से उनका एटीएम पिन जान लेते और फिर उनके कार्ड के स्थान पर मिलता-जुलता दूसरा कार्ड थमा देते थे। इसके बाद आरोपितों द्वारा संबंधित कार्डों का इस्तेमाल कर अलग-अलग एटीएम से पैसे निकालने की बात सामने आई है। इसके अलावा, एटीएम मशीन में छूट गए कार्डों को उठाकर पीओएस मशीन के माध्यम से रकम निकालने का तरीका अपनाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि आरोपितों से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य शातिरों, पीओएस मशीन की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों, कमीशन की रकम और वारदातों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
साथ ही हरियाणा और दिल्ली में उन एटीएम की पहचान भी की जाएगी, जहां से कार्ड उठाने या रकम निकालने की वारदातें की गईं। मामले में आगे की जांच जारी है।
