पंचकूला के सरकारी अस्पताल में 3.77 करोड़ का घोटाला, डाटा एंट्री ऑपरेटर की पत्नी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
पंचकूला के सिविल अस्पताल में 3.77 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले मामले में आरोपित महिला सीमा रानी की अग्रिम ...और पढ़ें

पंचकूला कोर्ट में सुनवाई। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
पंचकूला सिविल अस्पताल में 3.77 करोड़ रुपये का घोटाला।
आरोपित महिला सीमा रानी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज।
डीएनबी स्टाइपेंड बिलों में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में 3.77 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले मामले में आरोपित महिला को अदालत ने अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया। कोर्ट ने आरोपित सीमा रानी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मामले को लेकर सिविल अस्पताल के पीएमओ ने इसी 14 अक्तूबर में डीसीपी को शिकायत दी थी। अस्पताल की आंतरिक जांच कमेटी में डीएनबी स्टाइपेंड बिलों में संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं, हेराफेरी और अनधिकृत बदलाव का खुलासा हुआ था।
शुरुआती जांच में सामने आया कि सरकारी खजाने से निकाली गई रकम अस्पताल में डेटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत सह आरोपित राजेश मल्होत्रा और उसकी पत्नी सीमा रानी के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
जांच के दौरान सीमा रानी के के खाते में 3 करोड़ 38 लाख 62 हजार 555 रुपये और एचडीएफसी बैंक के खाते में 39 लाख 6 हजार 445 रुपये जमा होने की बात सामने आई। इस तरह दोनों खातों में कुल तीन करोड़ 77 लाख 69 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सीमा रानी के नाम पर अलग-अलग फर्जी पैन कार्ड तैयार कर कई यूनिक पेयी कोड (यूपीसी) बनाए गए थे। इन खातों से बड़ी रकम नकद निकाली गई और यूपीआई के माध्यम से भी ट्रांसफर की गई।