'हाईकोर्ट का फैसला लागू करो, वरना होगा आंदोलन', किसानों ने मांगा शामलात जमीन पर मालिकाना हक
पंचकूला में किसान संघर्ष समिति ने शामलात जमीन के मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट का फैसला लागू करने की मांग ...और पढ़ें

किसानों ने हरियाणा सरकार को आंदोलन की चेतावनी। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
'मेरी फसल, मेरा ब्योरा' पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहे।
सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। शामलात जमीन के मालिकाना हक के लिए किसानों में एक बार फिर आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है। शामलात जमीन के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग की है। ऐसा न करने पर हरियाणा सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी गई।
यह निर्णय किसान संघर्ष समिति की बैठक में रविवार को लिया गया, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन वीके सूद ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मांग पत्र सौंपा जाएगा। साथ ही, आगामी रणनीति तय करने के लिए सात सदस्यों की एक कमेटी का गठन भी किया गया।
यह कमेटी किसानों के मुद्दों को लेकर आगे की कार्रवाई तय करेगी और लिए गए फैसलों को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी। समिति सरकार से मांग करेगी कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा शामलात जमीनों पर खड़ी फसलों का ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन खोलने की व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए शामलात जमीनों पर भी नियमानुसार बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाने की मांग सरकार के समक्ष रखी जाएगी। समिति के पदाधिकारी संबंधित अधिकारियों से भी मुलाकात कर किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे।
बैठक में प्रधान कश्मीर सिंह सैनी और महासचिव भारत भूषण रिहौड़ विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेगी तो समिति कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ किसानों को जागरूक करते हुए सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी। अगली बैठक 25 अक्टूबर को माणक टाबरा गुरुद्वारा में सुबह 11 होगी।
