जागरण संवाददाता, पंचकूला : नगर निगम द्वारा पंचकूला में सीसीटीवी कैमरे लगाने के दूसरे फेज का काम मंगलवार से शुरू हो गया। इस दूसरे चरण में 30 नए स्थानों पर 275 पूर्ण एचडी डे-नाइट बॉक्स कैमरे, 33 नंबर पीटीजेड कैमरे, 15 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) पूर्ण एचडी बॉक्स कैमरे स्थापित किए जाएंगे। तीसरे फेज के कैमरों में फेज रेकगनाइजेशन की सुविधा भी होगी। एमसी एरिया में कुल 435 सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव है। फिलहाल पंचकूला में 48 सीसीटीवी लगे हैं। दूसरे फेज का काम पूरा होने पर एमसी एरिया में सीसीटीवी की तादाद 379 हो जाएगी। अगले 6 महीने में यह सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके अलावा दो ड्रोन भी खरीद लिए गए है। यह कैमरे पंचकूला, पिंजौर, कालका और बरवाला के सभी एग्जिट व एंट्री प्वाइंट्स कवर हो जाएंगे। इस पर 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एमएलए ने किया शुभारंभ

यह कैमरे लगाने का शुभारंभ पंचकूला के विधायक एवं मुख्य सचेतक ज्ञानचंद गुप्ता एवं कालका की विधायक लतिका शर्मा ने किया। उनके साथ पंचकूला नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल, डीसीपी राजेंद्र कुमार मीणा, कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर सुनील तलवाड़, इन्कम टैक्स कमिश्नर सुधा शर्मा, जिला भाजपा के उपाध्यक्ष संजीव कौशल, भाजपा नेता संजय आहूजा, सेक्टर-14 थाना प्रभारी ललित कुमार भी उपस्थित थे। गुप्ता ने जोगपाल को दी बधाई

गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पंचकूला नगर निगम को खुलकर फंड दिए हैं, जिसके चलते निगम द्वारा आए दिन नए प्रोजेक्ट लाच किए जा रहे हैं। इन कैमरों एवं ड्रोन से अपराधियों, जिले में होने वाले बड़े कार्यक्रमों एवं रैलियों पर नजर रखी जा सकेगी। गुप्ता ने निगम प्रशासक राजेश जोगपाल को इस सीसीटीवी एवं ड्रोन के लिए बधाई दी। आखिर क्यों पड़ी इनकी जरूरत

25 अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा के चीफ गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के समय उसके समर्थकों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे। निगम इनकी जगह भी नए कैमरे लगाएगा। इस दौरान पंचकूला पुलिस के पास कोई भी ड्रोन नहीं था, जिसके चलते इसकी कमी महसूस हो रही थी। अब ड्रोन के जरिए बड़े आयोजनों पर नजर रखी जा सकेगी। शहर में बिछेगी 35 किलोमीटर लंबी फाइबर

निगम प्रशासक राजेश जोगपाल ने बताया कि इन कैमरों के लिए 35 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर बिछनी है। ये ऑप्टिकल फाइबर बिछाने में समय लगेगा। निगम ने अगले 6 महीने में सीसीटीवी लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। ये सीसीटीवी लगने के बाद एमसी एरिया का कोई एंट्री व एग्जिट प्वाइंट ऐसा नहीं बचेगा, जिससे आने-जाने वाला कोई व्यक्ति बच सके। शहर की सभी मार्केट्स में भी कैमरे लगेंगे। ड्रोन को ऑपरेट करने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। निगम शहर को इंटेलिजेंट सिटी बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। शहर को सेफ सिटी बनाने के प्रयास हो रहे हैं। ताकि शहर में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग रात को भी सेफ घूम सकें। शहर में छेड़छाड़ वाले इलाकों का सर्वे भी कराया गया है। इस स्थान पर लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। चोरी किए गए वाहनों की होगी पहचान

सीसीटीवी कैमरों से चोरी के व्हीकल्स की पहचान हो सकेगी। इन कैमरों में नंबर प्लेट रेकगनाइजेशन की सुविधा होगी, जो चोरी हुए व्हीकल का नंबर कंट्रोल रूम में कंप्यूटर में फीड कर देंगे। यह व्हीकल, जिसमें गोल चक्कर, एंट्री या एग्जिट प्वाइंट से गुजरेगा, तो पुलिस को इसका पता चल जाएगा। एमसी इन सीसीटीवी कैमरों को इंस्टॉल कराएगा। इन्हें मैनेज करने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। इन सीसीटीवी कैमरों में दिन के साथ रात को भी आने जाने वालों की पहचान हो सकेगी। 30 दिन के वीडियो रिकॉर्डिग के बैकअप की सुविधा भी होगी। कैमरों लगाने के लिए 30 नई साइट्स का चयन भी किया गया है। चेहरा पहचानने की क्षमता, क्रिमिनल नहीं बच पाएंगे

इन कैमरों में फेस रेकगनाइजेशन की सुविधा होगी। सीसीटीवी कैमरों के लिए बने कंट्रोल रूम में कंप्यूटर के जरिए प्रोक्लेम ऑफेंडर, गैंगस्टर, क्रिमिनल की फोटो फीड कर दी जाएगी। ये लोग जब भी एमसी एरिया में प्रवेश करेंगे, तो सीसीटीवी कैमरा इनकी पहचान कर पुलिस को अलर्ट कर देगा। अभी शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के लिए पुलिस स्टेशन, सेक्टर-14 में कंट्रोल रूम बना है। कैमरों की तादाद बढ़ने के बाद बरवाला, पिंजौर और कालका में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। एमसी एरिया में कुल 4 कंट्रोल रूम होंगे। जिनसे इन सीसीटीवी कैमरों पर नजर रखी जाएगी। इन कैमरों से क्राइम कंट्रोल करने के साथ ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने वालों के चालान करने में भी मदद मिलेगी। इस निगरानी परियोजना की शुरुआत हो जाने से अपराधों में भी कमी आएगी और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह परियोजना बेहतर सिद्ध होगी। पुलिस विभाग ने जो जगह चयनित की थी, उनके अनुसार ही कैमरे निगरानी की व्यवस्था की गई है।

-राजेश जोगपाल, प्रशासक, नगर निगम, पंचकूला

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