पंचकूला के बिल्डर के साथ पांच करोड़ की धोखाधड़ी, पार्टनर समेत सात के खिलाफ केस दर्ज
पंचकूला के बिल्डर अक्षय गर्ग के साथ पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उनके पार्टनर समेत ...और पढ़ें

डेराबस्सी थाने में केस दर्ज। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
करीब 33,950 गज जमीन का मामला।
पार्टनर समेत सात पर एफआईआर दर्ज।
जाली एग्रीमेंट टू सेल बनाने का आरोप।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। डेराबस्सी के गांव सैदपुरा में करीब 33,950 गज जमीन के फर्जी एग्रीमेंट टू सेल तैयार पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सेक्टर-21 निवासी बिल्डर अक्षय गर्ग की शिकायत पर डेराबस्सी थाने में पार्टनर बिल्डर समेत सात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपितों में अशोक मित्तल, उनके बेटे अनुभव मित्तल, कुलदीप सिंह राणा, दीपक गुप्ता, राघव गुप्ता, जागृत गुप्ता और मनोज कुमार झा शामिल हैं। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धमकी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता अक्षय गर्ग के अनुसार, वह अशोक मित्तल के साथ एमएस ओमकार बिल्डर एंड प्रमोटर फर्म में 50-50 प्रतिशत के साझेदार है। फर्म ने गांव सैदपुरा में करीब 33,950 गज जमीन खरीदी थी। आरोप है कि मई 2025 में कुलदीप सिंह राणा के नाम पर जमीन का पांच करोड़ बयाना दिखाते हुए एग्रीमेंट टू सेल तैयार किया।
इसमें अक्षय गर्ग और उनके बेटे के फर्जी हस्ताक्षर किए। शिकायतकर्ता का दावा है कि वास्तव में अशोक मित्तल को एक करोड़ दोस्ताना कर्ज के रूप में दिए थे। यह रकम फर्म के खाते से अशोक मित्तल के निजी खाते में ट्रांसफर हुई, लेकिन उन्हें इसमें से कोई हिस्सा नहीं मिला।
जमीन बेचने की कोशिश से खुला मामला
जांच रिपोर्ट के अनुसार कथित एग्रीमेंट के लिए 13 मई 2025 को खरीदे गए स्टांप पेपर का रिकार्ड भी सामने आया, जिसे अशोक मित्तल ने खरीदा था। जांच अधिकारी ने एग्रीमेंट में दर्शाई गई पांच करोड़ की रकम और बैंक खातों में मिले 2.50 करोड़ के लेनदेन के बीच अंतर को भी महत्वपूर्ण माना है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे इस सौदे और लेनदेन की कोई जानकारी नहीं दी गई।
डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की शिकायत डीआईजी रूपनगर रेंज तक पहुंची थी। इसके बाद एसएसपी रूपनगर और डीएसपी मोरिंडा के माध्यम से जांच करवाई गई। डीएसपी मोरिंडा ने अपनी रिपोर्ट में कथित फर्जी एग्रीमेंट और आपसी मिलीभगत के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की।
इसके बाद मामला एसएएस नगर पुलिस के पास भेजा गया। एसएसपी एसएएस नगर के निर्देश पर डीएसपी डेराबस्सी ने एसएचओ डेराबस्सी को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए।
पुलिस रिपोर्ट में मई-जून 2025 के दौरान दीपक गुप्ता, कुलदीप राणा और अशोक मित्तल के बीच करीब 2.5 करोड़ के लेन-देन का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने जनवरी 2026 में एसएसपी मोहाली को शिकायत दी थी। मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच एसआई अमरजीत सिंह को सौंपी गई है।
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