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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आंदोलन: तीसरे दिन धरनों में बढ़ी भीड़, सुरक्षा के लिए पुलिस ने बनाए बंकर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 31 Jan 2017 01:02 PM (IST)Updated: Tue, 31 Jan 2017 01:56 PM (IST)

हरियाणा में जाट आंदोलन के तीसरे दिन आंदोलनकारियों की संख्‍या बढ़ गई है। कैथल के देवबन कैंची और हिसार के ...और पढ़ें

जाट आंदोलन: तीसरे दिन धरनों में बढ़ी भीड़, सुरक्षा के लिए पुलिस ने बनाए बंकर
जाट आंदोलन: तीसरे दिन धरनों में बढ़ी भीड़, सुरक्षा के लिए पुलिस ने बनाए बंकर

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में जाट आंदोलन तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। पिछले दो दिन की अपेक्षा आंदोलनकारी विभिन्न जगहों पर अधिक संख्या में धरने में जुट रहे हैं। मय्यड़ सहित कुछ जगहों पर प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को कानून की अवहेलना करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। कैथल सहित कई जगहों पर पुलिस और अर्द्ध सैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च भी किया गया है। कैथल में पुलिस ने सड़कों के सड़कों के किनारे बंकर बनाकर माेर्चा संभाल लिया है।

जाट ने नेताओं का आरोप, आंदाेलनकारियों को नोटिस देकर डरा रहा है प्रशासन

हिसार में मय्यड़ और रामायण गांव के पास रेलवे ट्रैक के पास सैकडों की संख्या में जाट आंदोलनकारी धरने पर बैठे हैं। कैथल के देवबन कैंची गांव में भी पिछले दाे दिन की अपेक्षा धरने में अधिक संख्या में लोग आए हैं। रोहतक के जसिया गांव में भी धरना चल रहा है। जाट नेता आंदोलनकारियों को संबोधित कर रहे हैं। सभी जगहों पर चाय और भाेजन की व्यवस्था की गई है। मय्यड़, जसिया और देवबन कैंची में धरनास्थलों पर लंगर चल रहे हैं। जींद के इक्कस गांव में भी जाट आंदोलनकारियों का धरना जारी है।

रोहतक के जसिया गांव में धरना देते जाट आंदोलनकारी।

आंदोलनकारियों के लिए मनाेरंजन की व्यवस्था भी की गई है। जसिया में धरने पर रागिनी कार्यक्रम का भी अायोजन किया गया। देवबन कैंची में लोग धरनास्थल पर ताश आदि खेलते हुए भी नजर आए। धरने के दौरान अांदोलनकारी जमकर नारेबाजी भी कर रहे थे।

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मय्यड़ में जाट नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने आंदोलनकारियों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया है। जाट नेताओं को कहना है कि कि धरने में शामिल होने आ रहे लोगों के वाहनों के नंबर नोट कर के प्रशासन द्वारा उनके घरों पर नोटिस दिए जा रहे हैं। ऐसा कर प्रशासन जानबूझकर आंदालनकारियों को भड़काने का काम कर रहा है। दूसरी ओर, हिसार के जिला उपायुक्त द्वारा जाट नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया है।

हिसार के मय्यड़ में धरना देते जाट आंदोलनकारी।

कैथल में जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तैयारी में नजर आ रही है। अति संवेदनशील क्षेत्र में स्थित थानाें व चौकियों के बाहर और मुख्य मार्गों के किनारे रेत से भरे बोरे रखकर बंकर बनाए गए हैं। जाट बहुल एरिया से गुजरने वाली सड़कों पर बंकर बनाकर पुलिस स्थिति पर नजर रहे हुए है। हथियारों से लैस पुलिस कर्मियों ने कमान संभाल रखा है। राजौंद-पाई रोड सहित कई सड़कों पर पुलिस ने नाका भी लगा रखा है।

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पानीपत में आरक्षण की मांग को लेकर उग्राखेड़ी गांव में जाट समुदाय के लोगों तीसरे दिन भी धरना दे रहे हैं। अांदोलनकारियों ने धरना स्थल पर बैनर लगाया तो तहसीलदार ने इसे हटाने को कहा, लेकिन आंदोलनकारी इसे न हटाने पर अड़ गए। आंदोलन के मद्देनजर समालखा, मतलौडा व थर्मल क्षेत्र सहित पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात हैं।

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