चंडीगढ़, जेएनएन। दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर ऑफ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) पर काम अब स्पीड पकड़ेगा। आरआरटीएस के सराय काले खां गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंजूरी देने के अलावा प्रदेश सरकार ने आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास डेढ़ किलोमीटर के दायरे में अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर और हरियाणा की ओर से 6436 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड को ऋण लेने के लिए प्रदेश सरकार ने 5936 करोड़ रुपये की गारंटी दी है।

परियोजना में 6436 करोड़ रुपये का निवेश करेगा हरियाणा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। मंत्रिमंडल ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के साथ समझौते और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी बनाया है। आरसीटीएस परियोजना की अड़चनों को दूर करने या योजना में संशोधनों को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।

हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड को ऋण के लिए 5936 करोड़ रुपये की गारंटी

आरआरटीएस परियोजनाएं एनसीआरटीसी द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं जो केंद्र सरकार, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारों का संयुक्त उपक्रम है।

शहरों में सामुदायिक स्थलों के विस्तार के लिए विकास शुल्क निर्धारित

हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्र नियमन नियमावली में संशोधन कर शहरों में सामुदायिक स्थलों के लिए विकास शुल्क निर्धारित किए गए हैं। गुरुग्राम-मानेसर अर्बन कांप्लेक्स की विकास योजना का हिस्सा बनने वाले हाइपर क्षेत्र में सामुदायिक स्थलों के निर्माण के लिए आगे की अवधि की अनुमति देने के लिए प्रति एकड़ विस्तार शुल्क दस लाख रुपये रहेगा।  फरीदाबाद-बल्लभगढ़ शहरी परिसर की विकास योजना के हाई-1 क्षेत्र, गुरुग्राम के सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में यह दर नौ लाख रुपये रहेगी। पंचकूला, सोनीपत-कुंडली और पानीपत के हाई-2 क्षेत्र में यह राशि सात लाख रुपये होगी।

मध्यम क्षेत्रों में सामुदायिक स्थलों के निर्माण के लिए प्रति एकड़ विस्तार शुल्क की दर छह लाख और लो-1 क्षेत्रों के लिए पांच लाख रुपये तथा लो-2 क्षेत्रों के लिए चार लाख रुपये रखा गया है। लाइसेंस के नवीनीकरण की समय अवधि मौजूदा दो साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। इसलिए लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क को दस फीसद से बढ़ाकर 20 फीसद कर दिया गया है।

दिव्यांगों के लिए अलग कोष

मंत्रिमंडल की बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम को मंजूरी मिल गई। इसके तहत दिव्यांगों के लिए राज्य कोष की स्थापना, राज्य परामर्श समिति की नियुक्ति और दिव्यांगता के अनुसंधान के लिए कमेटी गठित की जाएगी।

Posted By: Sunil Kumar Jha