राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में ग्रुप सी की सरकारी नौकरियों में आवेदक को केवल एक बार ही सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के तहत पांच अंकों का लाभ मिलेगा। इसी तरह कच्चे कर्मचारियों को भी पक्की नौकरियों की भर्ती में अनुभव के लिए अधिकतम चार अंक मिलेंगे। हरियाणा के मूल निवासियों को ही अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया जाएगा जिनके परिवारों में कोई सरकारी नौकरी पर नहीं है और सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है।

अगले महीने संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तैयारी, 22 हजार पदों पर होंगी भर्ती

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बाेर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक और प्रशासक, आयुक्त और उपायुक्तों को लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। फरवरी में संयुक्त प्रवेश परीक्षा होनी है जिसके तहत करीब 22 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

ये नियुक्तियां नए नियमों के आधार पर ही होंगी। पहले लिखित परीक्षा 90 अंकों की होती थी और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के तहत दस और अनुभव के आठ अंक मिलते थे। नए नियमों में इन अंकों को आधा कर दिया गया है। 95 अंकों की लिखित परीक्षा में 25 प्रतिशत सवाल हरियाणा से जुड़े होंगे, जबकि 75 प्रतिशत सवाल सामान्य ज्ञान, गणित, विज्ञान सहित अन्य विषयों से जुड़े होंगे।

निगम और बोर्ड कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए बनेगी एक समान पालिसी

दूसरी ओर, हरियाणा राज्य के सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों की प्रमोशन के लिए एक समान पालिसी लाई जाएगी। इससे सभी कर्मचारियों को आगे बढ़ने के एक समान अवसर मिल सकेंगे। हरियाणा राज्य सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कर्मचारियों की प्रमोशन के लिए समान पालिसी लाए जाने की बात कही।

चेयरमैन सुभाष बराला ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रमोशन के लिए ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार किया जाए जिसमें एक समान स्तर के कर्मचारियों की प्रमोशन पालिसी एक ही हो, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अन्याय न हो सके। बराला ने कहा कि मौजूदा हरियाणा सरकार का नारा सबका साथ-सबका विकास को सही मायने में चरितार्थ तभी कर पाएंगे, जब किसी भी कर्मचारी को आगे बढ़ने में अलग-अलग पालिसी अड़चन न बने।

बराला ने एचएसवीपी के एक एजेंडे में चर्चा के दौरान अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की प्रमोशन के अलग-अलग निर्धारित मापदंड मिलने पर दिए। इसके अलावा स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में महिला एवं बाल विकास व हरको बैंक के एजेंडों पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान अधिकारियों से बात करते हुए सुभाष बराला ने कहा कि मुख्यमंत्री की परिवार पहचान-पत्र योजना सभी विभागों के लिए वरदान साबित हो रही है और ऐसे कई विषय हैं, जिनमें परिवार पहचान-पत्र से पारदर्शिता आ रही है। बैठक में टाउन और कंट्री प्लानिंग विभाग के एसीएस देवेंद्र सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव जी अनुपमा, सहकारिता विभाग की विशेष सचिव गीता भारती, टाउन और कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक केएम पांडुरंग तथा सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक राहुल उप्पल शामिल हुए।

Edited By: Sunil Kumar Jha