राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पहली जुलाई से प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए राष्ट्रीय हरित ब्यूरो (एनजीटी) की हरियाणा मानीटरिंग कमेटी ने जिला स्तर पर निगरानी कमेटियां गठित की है।

हरियाणा सरकार की ओर से प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर 25 हजार रुपये जुर्माना निर्धारित किया गया है, लेकिन एनजीटी के सख्त नियमों में पांच लाख रुपये तक जुर्माना और पांच साल तक की सजा का प्रविधान है। नियमों का दोबारा उल्लंघन करने वालों से पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी वसूला जा सकता है।

एनजीटी की हरियाणा मानीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने बताया कि एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए 16 बिंदुओं पर कार्य योजना तैयार की है।

जिला स्तर की एनजीटी कमेटियां औचक निरीक्षण करेंगी। अभी हाल ही में उन्होंने भिवानी और दादरी का जिले का निरीक्षण किया है जहां सालिड वेस्ट मैनेजमेंट ट्रीटमेंट प्लांट का औचक मुआयना भी किया। दोनों जिलों में प्लास्टिक के बैग प्रयोग न करने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

प्रीतम पाल सिंह ने बताया कि यदि किसी के पास प्लास्टिक बैग या अन्य प्रकार के उत्पाद का स्टाक है तो इसकी जानकारी जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालय, नगर परिषद या फिर पालिका में दी जा सकती है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड को भी इस बारे में अवगत कराया जा सकता है ताकि उसे डिस्पोज किया जा सके।

प्लास्टिक की इन वस्तुओं का नहीं कर सकते इस्तेमाल

प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पालीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिरर शामिल हैं। इनका इस्तेमाल गैरकानूनी है।

Edited By: Kamlesh Bhatt