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हरियाणा में नायब सरकार ने IAS और HCS अधिकारियों को दी एक समान जिम्मेदारी, समान तैनाती पर उठे सवाल

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:00 PM (IST)

हरियाणा में कनिष्ठ आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को समान एसडीएम पद देने पर सवाल उठ रहे हैं। सेवा नियमों और ...और पढ़ें

हरियाणा में जूनियर आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को एक समान जिम्मेदारी।

हरियाणा में जूनियर आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को एक समान जिम्मेदारी।

HighLights

  1. कनिष्ठ आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को समान एसडीएम पद

  2. सेवा नियमों और प्रशासनिक सिद्धांतों पर उठ रहे सवाल

  3. 2023 बैच के अधिकारियों की तैनाती पर विशेषज्ञ की राय

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) के कनिष्ठ अधिकारियों की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

राज्य सरकार ने 2023 और 2024 बैच के 11 आईएएस अधिकारियों के साथ 2023 बैच के 12 एचसीएस अधिकारियों को भी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) यानी एसडीएम के पद पर तैनात किया है। दोनों सेवाओं के कनिष्ठ अधिकारियों को एक जैसे पदों पर जिम्मेदारी सौंपे जाने से प्रशासनिक व्यवस्था और सेवा नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

क्यों उठ रहा सवाल?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता के अनुसार, आईएएस अखिल भारतीय सेवा है, जबकि एचसीएस हरियाणा की राज्य सिविल सेवा है। दोनों सेवाओं की संरचना और अधिकारियों की पदोन्नति की व्यवस्था अलग-अलग है। ऐसे में कनिष्ठ अधिकारियों को समान पद पर तैनात करने के फैसले को सेवा नियमों के संदर्भ में देखना जरूरी है।

2023 बैच के छह आईएएस अधिकारी सांपला, बहादुरगढ़, टोहाना, अंबाला छावनी, महेंद्रगढ़ और झज्जर में एसडीएम के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, 2024 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को ऐलनाबाद, पिहोवा, फिरोजपुर झिरका, उचाना कलां और डबवाली में यह जिम्मेदारी दी गई है।

दूसरी ओर, 2023 बैच के 12 एचसीएस अधिकारी पंचकूला, नूंह, नारनौल, महम, बाढ़ड़ा, कलायत, इंद्री, मानेसर, जगाधरी, फरीदाबाद, हथीन और गोहाना में एसडीएम के पद पर तैनात किए गए हैं। दिसंबर 2025 में जारी हरियाणा सरकार के कैडर निर्धारण आदेश में एसडीएम के पद वरिष्ठ वेतनमान और चयन ग्रेड के अधिकारियों के लिए दर्शाए गए हैं।

हेमंत कुमार के मुताबिक, सामान्य व्यवस्था में एचसीएस अधिकारियों को इस पद के लिए पांच साल की सेवा पूरी करनी होती है। इस आधार पर 2023 बैच के अधिकारियों की पांच साल की सेवा जनवरी 2028 में पूरी होगी। ऐसे में उनकी मौजूदा तैनाती पर सवाल उठने स्वाभाविक है।

तैनाती का अधिकार सरकार के पास, लेकिन नियमों का पालन भी जरूरी

हेमंत कुमार का कहना है कि अधिकारियों की नियुक्ति, तैनाती और तबादले का अधिकार राज्य सरकार के पास सुरक्षित है। आईएएस अधिकारियों को भी सेवा के शुरुआती वर्षों में सामान्य तौर पर एसडीएम बनाया जाता है।

बाद में अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर उन्हें उच्च पदों पर जिम्मेदारी मिलती है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारों का इस्तेमाल करते समय सेवा नियमों, अधिकारियों के संवर्ग की संरचना और प्रशासनिक सिद्धांतों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

इससे तैनाती के फैसलों को लेकर उठने वाले सवालों से बचा जा सकेगा। हालांकि, मौजूदा तैनाती नियमों के विरुद्ध है या नहीं, यह तय करने के लिए संबंधित सेवा नियमों और लागू प्रविधानों का परीक्षण जरूरी होगा।

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