कॉलेजों में 51% सीटें खाली, 1.44 लाख सीटों पर नहीं मिले छात्र, हरियाणा की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा संकट
हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं की आधी से अधिक सीटें खाली रह गईं, कुल 2.81 लाख सीटों में से 1.44 लाख से ज्यादा नहीं भर पाईं।

हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में आधी सीटें रह गईं खाली।
HighLights
हरियाणा कॉलेजों में 51% स्नातक सीटें खाली रहीं।
कुल 2.81 लाख में से 1.44 लाख सीटें नहीं भरीं।
सरकार खाली सीटों के लिए पोर्टल फिर खोलेगी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में दाखिलों के लिए बार-बार तिथि बढ़ाने के बाद भी आधी से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में कुल दो लाख 81 हजार 693 सीटों में से एक लाख 37 हजार 666 पर ही दाखिले हुए। इस तरह एक लाख 44 हजार 27 सीटें खाली रहीं।
दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा करीब 48.9 प्रतिशत रहा, जबकि 51.1 प्रतिशत सीटें नहीं भर सकीं। उपलब्ध सीटें भरने के लिए विभाग ने प्रयास किए, लेकिन नतीजों ने उच्चतर शिक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
दाखिले के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर मंथन शुरू
सरकार ने दाखिले के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर मंथन शुरू किया है। उच्चतर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी कॉलेजों में एक लाख 33 हजार 854 सीटों में से 76 हजार 748 पर दाखिले हुए और 57 हजार 106 खाली रहीं।
सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों की 96 हजार 163 सीटों में से 45 हजार 769 भरीं, जबकि 50 हजार 394 खाली रह गईं। सेल्फ फाइनांस कॉलेजों में 51 हजार 676 सीटों में से 15 हजार 149 पर ही दाखिले हुए और 36 हजार 527 सीटें खाली रहीं।
महेंद्रगढ़ में सबसे ज्यादा 13,811 सीटें खाली
महेंद्रगढ़ में सबसे ज्यादा 13 हजार 811 सीटें खाली रहीं। यहां 23 हजार 719 में से 9908 सीटों पर दाखिले हुए। हिसार में 21 हजार 481 में से 8236 सीटें भरीं और 13 हजार 245 खाली रहीं। गुरुग्राम में 18 हजार 538 में से 9132 पर दाखिले हुए, जबकि 9406 खाली रहीं।
सोनीपत में 17 हजार 372 में से 6875 सीटें भरीं और 10 हजार 497 खाली रहीं। भिवानी में 15 हजार 250 में से 8634 सीटों पर दाखिले हुए और 6616 खाली रहीं। करनाल में 15 हजार 132 में से 8476 सीटें भरीं और 6656 खाली रह गईं। रोहतक में 21 हजार 734 में से 12 हजार 108 पर दाखिले हुए और 9,626 सीटें खाली रहीं।
