यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरियाणा के आइपीएस वाई पूरन कुमार ने एसीएस होम के खिलाफ दायर की अवमानना याचिका
आइपीएस वाई पूरन कुमार ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना याचिका दायर की है। वाई पूरन कुमार आइजीपी (होमगार्ड) के रूप में तैनात हैं। कुमार ने याचिका में राजीव अरोड़ा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। याचिका के अनुसार हाई कोर्ट ने 18 मई को डीजीपी के खिलाफ उनकी एक याचिका का निपटारा करते हुए एसीएस को तीन महीने में शिकायत पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी एसीएस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
वाई पूरन कुमार ने अब हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर एसीएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह याचिका हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में फाइल कर दी गई है और जल्द ही इस पर सुनवाई हो सकती है। हाई कोर्ट के जस्टिस एएस ग्रेवाल ने याचिका का निपटारा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि वाई पूरन कुमार की जितनी भी शिकायत उनके कार्यालय में विचाराधीन हैं, उनका तीन माह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करें।
47 साल के आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने अपनी याचिका में गृह सचिव को आदेश देने की मांग की थी कि वह डीजीपी के खिलाफ उनकी शिकायतों पर फैसला करें। अधिकारी के अनुसार, तत्कालीन डीजीपी मनोज यादव द्वारा जुलाई 2020 से उन्हें लक्षित किया जा रहा था और उनके साथ भेदभाव पर भेदभाव किया जाता रहा है। मनोज यादव तो अब केंद्र में वापस चले गए, लेकिन डीजीपी के पद पर पीके अग्रवाल कार्यरत हैं।
