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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिलाआें के खिलाफ अपराध पर लगाम को एसपी व आइजी को अधिक पॉवर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 16 May 2017 09:22 AM (IST)

हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को रोकने के लिए पुलिस ने कई कदम उठाने का फैसला किया ...और पढ़ें

महिलाआें के खिलाफ अपराध पर लगाम को एसपी व आइजी को अधिक पॉवर
महिलाआें के खिलाफ अपराध पर लगाम को एसपी व आइजी को अधिक पॉवर

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। डीजीपी के साथ अधिकारियों की बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए जिला पु‍लिस अधीक्षक और आइजी को अधिक अधिकार देने का फैसला किया गया। वे जिले में अति संवेदनशील घटना होने की स्थिति में अपने स्तर पर विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित कर सकते हैं। राज्य भर में ऑपरेशन दुर्गा अभियान को जारी रखने का निर्णय लिया गया।

महिलाओं के प्रति अपराध रोकने को नया एक्शन प्लान, जारी रहेगा ऑपरेशन दुर्गा

इसक साथ ही बैठक में फैसला किया गया कि हरियाणा पुलिस अब सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी गलत सूचना से सख्ती के साथ निपटेगी और ऐसी सूचनाओं का खंडन करते हुए लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाएगी। साथ ही बिना पुष्ट जानकारी के गलत सूचना प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई होगी।

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पुलिस महानिदेशक बीएस संधू की अध्यक्षता में हुई पुलिस अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग में कई निर्णय किए गए। सभी पुलिस आयुक्तों, मंडल पुलिस महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपायुक्तों और सभी सहायक पुलिस अधीक्षकों तथा डीएसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आवश्यक निर्देश जारी किए।

पुलिस महानिदेशक ने रोहतक के आइजी नवदीप सिंह विर्क से भी वहां हुई युवती के साथ दरिंदगी की पूरी रिपोर्ट ली और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक ने बताया कि ऑपरेशन दुर्गा से महिलाओं को काफी राहत मिली है। लिहाजा यह ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।


पुलिस अधिकारियों की बैठक में ये भी हुए निर्णय

- महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 को आम जनता में ज्यादा प्रचारित किया जाएगा, ताकि किसी भी परेशानी में कोई भी महिला तुरंत पुलिस को सूचना दे सके
- 1091 पर आने वाली किसी भी सूचना को महिला पुलिस थाने से जुड़े राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रतिदिन स्वयं अवलोकन किया जाएगा। संवेदनशील केस में उन्हें थानों के जांच अधिकारियों को सूचित करना होगा। ऐसे केस प्राथमिकता से निपटाए जाएंगे
- महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों व शिकायतों का निपटारा करने वाली पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने को जिला स्तर पर ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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छह जिलों में महिलाओं की सुरक्षा पर खास फोकस

जिला गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, पानीपत, पंचकूला व यमुनानगर औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन जिलों में महिला कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे जिलों में पुलिस अधिकारियों को महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैैं। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ऐसे जिलों में दिन रात चौकस रहने की जरूरत है।