जागरण संवाददाता, पंचकूला : बिजली विभाग द्वारा बिल की रीडिंग दो माह बाद करने और अधिक यूनिट का चार्ज लगाने पर उपभोक्ताओं में रोष बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा जान-बूझकर दो माह बाद रीडिंग की जाती है, क्योंकि 100 यूनिट के बाद बिजली की दर में इजाफा हो जाता है। इस रीडिंग को लेकर पिछले लंबे समय से सोशल मीडिया पर भी मैसेज वायरल हो रहा था। विभाग के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ रहा था, जिसके बाद विभाग के प्रवक्ता ने सफाई दी है। विभाग की ओर से विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बिजली बिलों को लेकर एक मैसेज वायरल किया जा रहा है, जिसमें दोमाही बिजली बिल के बजाय प्रति माह बिजली बिल की माग की जा रही है, को गलत व तथ्यहीन बताया गया है। प्रदेश में बिजली के बिल हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा निर्धारित बिजली दरों के अनुसार ही बनाए जा रहे हैं। प्रवक्ता बोले : कुछ लोग फैला रहे हैं भ्रांतियां

निगम के प्रवक्ता ने बताया कि वायरल किए जा रहे मैसेज में बिजली दरों को लेकर भ्राति फैलाई जा रही है व गलत गणना करके अधिक बिल वसूले जाने की बात कही जा रही है, जबकि सच यह है कि दो माह में एक बार बिल आने से उपभोक्ता पर स्लैब का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता, सभी स्लैब में प्रति माह के हिसाब से ही बिल बनाया जाता है। जैसे कि प्रतिमाह 50 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट दर निर्धारित है। दो माह में एक बार बिल बनने पर 100 यूनिट बिजली खपत तक यही दर लागू रहती है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग द्वारा बिजली की दरें निर्धारित की जाती हैं तथा बिल दरों में बिजली वितरण निगमों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। छोटे उपभोक्ताओं को दी जा रही सुविधाएं

अधिकारी के अनुसार निगमों द्वारा दो माह में एक बार ही बिजली बिल वसूला जाता है। जिससे छोटे घरेलू एवं गरीब परिवारों के उपभोक्ताओं को प्रति माह बिल जमा करने की परेशानी से मुक्ति मिलती है व उपभोक्ताओं को बिल राशि जमा करने का पर्याप्त समय भी मिलता है। हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर निर्बाध व निरंतर बिजली उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है और उपभोक्ताओं से आग्रह करते हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रातियों को नजरअंदाज करें व बिजली व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में निगमों का सहयोग करें। बिजली विभाग को महीने में एक बार रीडिंग करनी चाहिए, क्योंकि दो माह बाद रीडिंग आने पर यूनिट बढ़ जाती है। यूनिट बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट का चार्ज भी बढ़ाकर लिया जाता है। यदि विभाग प्रतिमाह रीडिंग करेगा, तो उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

-भारत हितैषी, सेक्टर 10 मैंने खुद रीडिंग करने आए कर्मचारी से पूछा था, तो उसने कहा था कि विभाग को दो माह में बिजली का बिल देने पर अधिक लाभ होता है। 100 यूनिट तक यूनिट चार्ज कम होते हैं और उसके बाद यूनिट चार्ज बढ़ जाते हैं।

-रामप्रसाद, इंदिरा कॉलोनी निवासी आम आदमी के हर महीने का बजट सेट होता है। परंतु जब बिजली विभाग दो माह बाद बिजली बिल थमाता है, तो सारा बजट बिगड़ जाता है। 200 से 300 यूनिट बिजली का बिल आने पर लोगों की जेब पर काफी बोझ पड़ता है, इसलिए हर महीने बिल देना चाहिए।

सुभाष चंद निषाद, गाव अभयपुर निवासी

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