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संवाद सहयोगी, पंचकूला/मोरनी: शुक्रवार रात से मोरनी क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र की सभी मुख्य सड़कें लैंड स्लाइड की वजह से बंद हो गई हैं। बिजली सप्लाई बंद होने से पूरा मोरनी क्षेत्र शनिवार रात से ही अंधेरे में है। मोरनी-पंचकूला रोड मलबा व पेड़ गिरने से वाया थापली व मांधना मार्ग कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद हो गया। इसी तरह मोरनी बड़ीशेर, मोरनी ठंडोग, मोरनी नीमवाला व मोरनी रायपुररानी रूट की सड़कें बड़े-बड़े पत्थर, मलबा व पेड़ों के गिरने से पूरी तरह बंद हो गई। सड़कें बंद होने से कुछ समय के लिए मोरनी जिला पंचकूला से पूरी तरह कट गया।

ग्रामीणों व राहगीरों ने पेड़ काटे व उठाए पत्थर मलबा व पेड़ गिरने से बंद हुई सड़कों को खोलने के लिए राहगीरों व ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने सड़क पर गिरे पेड़ों को काटा और पत्थरों को हटाया, जिसके बाद मार्ग को वाहनों के लिए खोला गया। कालका से मुख्यमंत्री की शुरू होने वाली रथयात्रा के लिए मोरनी से शामिल होने वाले लोगों को भी कालका पहुंचने में दिक्कत हुई। इन लोगों ने स्वयं रास्ते ठीक किया व कालका के लिए रवाना हुए। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी लगवाकर रास्ते ठीक करवाना शुरू कर दिया था। शाम तक मुख्य सड़कों पर आवाजाही शुरू हो गई थी। तूफान ने बंद की मोरनी की रोशनी शनिवार रात से पूरा मोरनी क्षेत्र अंधेरे में है। बारिश के साथ तूफान के चलते मोरनी के लिए बिजली आपूर्ति करने वाली 33 केवी में फाल्ट आ गया। मोरनी के टिक्कर ताल व मोरनी दोनों फीडरों की तार जगह-जगह से टूट गए हैं। शनिवार रात को लगभग 11 बजे से बंद लाइट रविवार शाम पांच बजे तक दुरुस्त नहीं हुई थी। तेज बारिश व तूफान के कारण मोरनी का दूर संचार सेवा भी कुछ समय के लिए बंद हो गई थी। कई निजी कंपनियों के नेटवर्क बंद हो गए। इससे लोगों की परेशानी ओर बढ़ गई। तूफान से फसलें हुई तबाह

बारिश के साथ आए तूफान ने क्षेत्र के गावों में मक्का, टमाटर व अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। बेहलों, कोहलन, धार, ठंडोग, राजीटीकरी, छामला व बड़ीशेर के दारड़ा, चाकली, कोटी, धामण, टीपरा, चपलाना, देवरी आदि ढाणियों में मक्का, टमाटर, खीरा, धनिया व अन्य सब्जियों की फसल तूफान में गिर गई। टमाटर के खेतों में लगाए गए नए पौधों टूट गए जिनसे सब्जी की खेती करने वाले क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। कोहलन के घनश्याम व दारड़ा के प्रवीण कुमार ने बताया कि बारिश और तूफान ने उन जैसे किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। क्षेत्र के छोटे किसानों की मुख्य आमदनी का साधन उपरोक्त फसलें खराब हो गई।

Posted By: Jagran

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